- एक राखी सैनिक के नाम अभियान में स्काउट्स-गाइड्स की बेटियों ने लिखा देशभक्ति का भावपूर्ण अध्याय, राखियों के साथ भेजे प्रेम और गर्व से भरे संदेश
राजकुमार अग्रवाल ,बसना:- जब पूरा देश रक्षाबंधन की तैयारियों में जुटा है, तब बसना की बेटियों ने इस पर्व को एक नई पहचान दी है। उन्होंने अपने सगे भाइयों के साथ-साथ उन वीर जवानों को भी अपना भाई माना है, जो हजारों किलोमीटर दूर देश की सीमाओं पर हर पल राष्ट्र की सुरक्षा में तैनात हैं। इन्हीं भावनाओं के साथ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, बसना की गाइड्स और रेंजर बहनों ने एक राखी सैनिक के नाम अभियान के तहत अपने हाथों से 551 आकर्षक राखियां तैयार कर देश के सैनिकों के प्रति सम्मान, विश्वास और आत्मीयता का अनुपम संदेश दिया। यह अभियान भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष गजेन्द्र यादव एवं राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह गोल्डी के आह्वान पर आयोजित किया गया। जिला मुख्य आयुक्त ऐतराम साहू के निर्देशन तथा जिला आयुक्त एवं जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन के मार्गदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष शीत गुप्ता एवं ब्लॉक सचिव विवेकानंद दास के नेतृत्व में इसे सफल बनाया गया। विकासखंड के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसना, सेंट स्टीफन मॉडर्न स्कूल जगदीशपुर और दुलारपाली, भँवरपुर की गाइड्स एवं रेंजर बहनों को श्रीमती गुरमीत कौर, कुसुम कोटक, आशा गुप्ता, टेकलाल पटेल, दिनेश बन्धु, इंदु पटेल आदि स्काउटर गाइडर के मार्गदर्शन में पूरे उत्साह से इस अभियान में भाग लिया। छात्राओं ने स्वदेशी सामग्री से आकर्षक राखियां बनाईं और प्रत्येक राखी के साथ सैनिक भाइयों के लिए भावनात्मक पत्र एवं शुभकामना संदेश भी लिखे। इन संदेशों में जवानों के साहस, त्याग और राष्ट्रसेवा के प्रति गर्व व्यक्त करते हुए उनके सुरक्षित और स्वस्थ्य रहने की कामना की गई। तीनों विद्यालयों की छात्राओं द्वारा तैयार की गई कुल 651 राखियां ब्लॉक सचिव विवेकानंद दास को सौंपी गईं। इन राखियों को राज्य मुख्यालय भेजा जाएगा, जहां से वे देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों तक पहुंचेंगी। इस पूरे अभियान का उद्देश्य बच्चों में राष्ट्रप्रेम, सेवा और कृतज्ञता की भावना को मजबूत करना तथा सैनिकों तक यह संदेश पहुंचाना है कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। इस अवसर पर स्काउट गाइड संघ बसना के सचिव विवेकानंद दास ने कहा कि जब छोटी-छोटी बेटियां अपने हाथों से सैनिक भाइयों के लिए राखियां बनाती हैं, तब यह केवल एक सांस्कृतिक परंपरा नहीं रह जाती, बल्कि राष्ट्रभक्ति का जीवंत उत्सव बन जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल नई पीढ़ी में सेवा, समर्पण और देशप्रेम के संस्कारों को मजबूत करती है और विकसित भारत की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत करती है। उन्होंने सभी गाइड्स, रेंजर बहनों, गाइड कैप्टनों और लीडर्स को इस प्रेरणादायी अभियान के लिए बधाई दी। नेहादास, जागेश्वरी, दिशा सामल, करीना साहू, आरती भोई सहित सैकड़ो स्काउट गाइड की छात्रा ने बताया कि यह हमारे जीवन का पहला अवसर है जब हमने देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक भाइयों के लिए अपने हाथों से राखियां बनाकर भेजी हैं। हमें गर्व और खुशी है कि हमारी राखी उन वीर जवानों तक पहुंचेगी, जो अपने परिवार से दूर रहकर हमारी सुरक्षा करते हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे सदैव सुरक्षित रहें और देश की सेवा करते हुए स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन बिताएं।






