भाटापारा,धर्म नगरी भाटापारा में रविवार को आस्था, भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। 88 वर्षों से अनवरत चली आ रही श्री अखंड रामनाम सप्ताह की परंपरा के समापन अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिससे पूरा नगर राममय हो गया। यह आयोजन भाटापारा नगर की एक अनूठी और गौरवशाली पहचान बन चुका है।
दोपहर में श्री अखंड रामनाम मंडप से शुरू हुई यह विशाल शोभायात्रा रामसप्ताह चौक, सदर बाजार, महासती मार्ग, हटरी बाजार होते हुए नगर के अन्य प्रमुख चौराहों से गुजरी और देर रात मंडप स्थल पर संपन्न हुई। इस ऐतिहासिक शोभायात्रा में भाटापारा, सिमगा, बिलाईगढ़, कसडोल सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों और रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित अन्य जिलों से आई लगभग 100 से अधिक भजन मंडलियों ने भाग लिया।
शोभायात्रा के दौरान रथ में विराजमान प्रभु श्रीराम की विशेष पूजा-अर्चना की गई। पूरे मार्ग में भक्ति का ऐसा अनूठा रंग जमा कि श्रद्धालु खुद को रामधुन पर थिरकने से रोक नहीं पाए। अलग-अलग भजन मंडलियों के साथ मांदर, ढोलक, मंजीरा और झाँझ की थाप पर गाते और नृत्य करते हुए पूरे नगरवासियों ने प्रभु की भक्ति में अपनी संगत दी।
88 वर्षों से चल रहे इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए कभी कोई औपचारिक समिति नहीं बनती और न ही कोई चंदा इकट्ठा करने जाता है। केवल ”जय सियाराम” के एक आह्वान पर पूरा नगर स्वतः ही एकजुट हो जाता है। यह अपने आप में अनूठी मिसाल है। इस विराट आयोजन में आसपास के क्षेत्रों से लगभग एक लाख लोग एकत्र होते हैं।
ग्रामीण अंचलों से आए इन श्रद्धालुओं की सेवा के लिए पूरा भाटापारा नगर एकजुट रहता है। नगर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह निशुल्क भोजन और नाश्ते की भरपेट व्यवस्था की जाती है। वहीं, रामधुन गाने वाली भजन मंडलियों (टोलियों) की सेवा के लिए स्थानीय ”माहेश्वरी मिल्स” में 24 घंटे भोजन की विशेष व्यवस्था निरंतर चलती रहती है।








