संदीप यादव मुंगेली। छत्तीसगढ़ शासन एवं उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्देशानुसार मृत्युकालीन कथन दर्ज करने की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और विधिसम्मत बनाने के उद्देश्य से जिले के राजस्व, पुलिस एवं चिकित्सा अधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभा कक्ष में आयोजित प्रशिक्षण में कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, अपर कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी और एडिशनल एसपी डॉ. प्रशांत शुक्ला मौजूद रहे।
प्रशिक्षण में जिले के सभी कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी, लोक अभियोजक एवं चिकित्सा अधिकारियों को मृत्युकालीन कथन दर्ज करने के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में उपनिदेशक लोक अभियोजन पुष्पा किरण भगत, जिला अभियोजन अधिकारी जयिता सिंह और तहसीलदार अतुल वैष्णव ने अधिकारियों को प्रक्रिया के दौरान आवश्यक कानूनी प्रावधानों, सावधानियों एवं निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने के बारे में बताया।
इस दौरान मृत्युकालीन कथन की संवेदनशीलता एवं न्यायिक महत्व को देखते हुए निष्पक्षता, पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया के पालन पर विशेष जोर दिया गया। संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ समयबद्ध एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई।
प्रशिक्षण का उद्देश्य सभी संबंधित अधिकारियों को व्यावहारिक एवं कानूनी बारीकियों से अवगत कराते हुए मृत्युकालीन कथन दर्ज करने की प्रक्रिया में एकरूपता सुनिश्चित करना है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी एवं विश्वसनीय रूप से संपादित हो सके।








