बलौदाबाजार,जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आगामी त्योहारों को सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस व प्रशासन ने आदतन अपराधियों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक गौरव राय की अनुशंसा पर जिला दंडाधिकारी (कलेक्टर) ने ‘छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990’ की धारा 3 व 5(ख) के तहत तीन कुख्यात बदमाशों के खिलाफ जिला बदर का सख्त आदेश जारी किया है।
पुलिस प्रशासन द्वारा अपराधियों के क्षेत्रों में ढोल बजाकर मुनादी भी कराई जा रही है, ताकि आम जनता में सुरक्षा का संदेश पहुंचे और अपराधी जिले की सीमा में प्रवेश न कर सकें।
इन तीन बदमाशों पर हुई कार्रवाई:. देवा उर्फ देवनारायण जायसवाल (30) (निवासी लवन): वर्ष 2020 से मारपीट, गुंडागर्दी, बलवा और अवैध शराब तस्करी में लिप्त। आबकारी के 3 और मारपीट-बलवा के कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
.देवेन्द्र उर्फ रिंकू वर्मा (39) (निवासी देवरी, भाटापारा): इसके खिलाफ हत्या के प्रयास (2 मामले), दुष्कर्म-पॉक्सो एक्ट (1 मामला), आर्म्स एक्ट व मारपीट सहित 9 से अधिक केस दर्ज हैं।
.गयाराम पटेल (30) (निवासी खपरीडीह, गिधौरी): वर्ष 2005 से ग्रामीणों को डराने-धमकाने और जान से मारने की धमकी देने में सक्रिय। इसके खिलाफ हत्या के प्रयास के 2 और मारपीट के दर्जनों मामले दर्ज हैं। अब तक की कुल कार्रवाई: बलौदाबाजार जिले में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इस वर्ष (2026) अब तक 12 से अधिक शातिर व आदतन अपराधियों को जिला बदर किया जा चुका है। जिला बदर अवधि के दौरान यदि ये अपराधी बलौदाबाजार या पड़ोसी जिलों की सीमाओं में बिना अनुमति पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सीधे गैर-जमानती धाराओं के तहत गिरफ्तारी की कार्रवाई होगी।








