राजकुमार अग्रवाल
*सरायपाली :नगरपालिका सरायपाली में सौंदर्यीकरण के नाम पर पिछले 5 सालों में करोड़ों की बंदरबांट का मामला सामने आ रहा है। लाखों की सड़क बनी लेकिन 04 महीने में ही उसमें दरारें आ गईं,
लाखों का गार्डन जंगल में तब्दील हो गया और लाखों के पेवर ब्लॉक उखड़ गए, टूट गए और उनमें घास तक उग आई है।
शासन-प्रशासन करोड़ों के काम कराकर मूकदर्शक बना हुआ है।
मामला नगरपालिका सरायपाली का है, जहां बगैर सूचना पटल के, नियमों की अनदेखी कर ठेकेदार द्वारा मनमाने तरीके से कार्य किया गया है। हाल ही में हुए कार्यों को 04 माह भी नहीं हुए हैं, सड़क में दरारें आ गई हैं, पेड़-पौधे सूख चुके हैं और पेवर ब्लॉक उखड़ कर टूट चुके हैं।
शिव मंदिर, पदमपुर मार्ग, बड़ा तालाब सौंदर्यीकरण का कार्य लाखों-करोड़ों की लागत से पिछले 4-5 सालों से लगातार जारी है।
ठेकेदार की लापरवाही पूर्वक कार्य के चलते आज भी निर्माण (विकास कार्य) आज भी अधूरा प्रतीत होता है।
उल्लेखनीय है कि गार्डन निर्माण में दर्जनों स्ट्रीट लाइट लगने से पहले स्थानीय विधायक ने अधिकारियों को फटकार लगाई थी, बावजूद पुराने खंभों को रंग-रोगन कर लगा दिया गया, जो अब जंग लगकर सड़ रहे हैं। उनमें लगी स्ट्रीट लाइट महज 2 माह में ही बंद हो गई, जिसमें भी भ्रष्टाचार की बू आ रही है। और उस क्षेत्र मे बदबू के सिवा और कुछ नहीं!!
शुरुआत में गार्डन निर्माण से लोगों में खुशी थी, मगर अब लोग खुलेआम कहने लगे हैं कि इसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ है। विपक्ष तो लगातार सोशल मीडिया के जरिए थू थू कर रहे हैं!
नाम न छापने की शर्त पर पालिका के ही एक कर्मचारी ने बताया कि ठेकेदार गोपाल अग्रवाल की सांठगांठ पालिका के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से है और घटिया कार्य के बावजूद उसे पालिका द्वारा अन्य करोड़ों के कार्य भी दिए गए हैं।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी का कहना है कि नगर पालिका में हुए सभी कार्य गुणवत्तापूर्वक किया गया है और सभी कार्य विशेषज्ञ तकनीकी विभाग के देखरेख में किया गया है।
लेकिन क्या अगर गुणवत्तापूर्वक कार्य कराया गया है तो ये खामियां नजर क्यों आ रही हे?क्या इस पर ठेकेदार के ऊपर कार्यवाही होगी?









