बिलासपुर/रायपुर: छत्तीसगढ़ में पुलिस आरक्षक भर्ती की वेटिंग लिस्ट में शामिल 400 से अधिक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज करते हुए हाई कोर्ट के फैसले पर मुहर लगा दी है। कोर्ट ने वेटिंग लिस्ट में शामिल पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया 90 दिनों के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
*क्या है पूरा मामला?*
दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2017 में पुलिस आरक्षक (जीडी और अन्य) के 2259 पदों पर भर्ती निकाली थी। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद वेटिंग लिस्ट 1 मार्च 2021 को जारी की गई थी। वेटिंग में शामिल अभ्यर्थियों ने नियमों के तहत रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग की थी।
सरकार द्वारा नियुक्ति नहीं देने पर परसराम ध्रुव समेत अन्य अभ्यर्थियों ने 2023 में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने 1 फरवरी 2024 को अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया।
*हाई कोर्ट ने माना नियम 13(2) को आधार*
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक बल (नियुक्ति तथा सेवा शर्तें) नियम, 2007 के नियम 13(2) का जिक्र किया। इसके तहत नया पद स्वीकृत होने या पदोन्नति, सेवानिवृत्ति, मृत्यु या अन्य कारणों से पद रिक्त होने पर वेटिंग लिस्ट से नियुक्ति का प्रावधान है।
*सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?*
राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर की थी। जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सुनवाई की। अभ्यर्थियों की ओर से सीनियर एडवोकेट नौशीना आफरीन अली, अभिजीत श्रीवास्तव और एओआर अंशुमन श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। सभी पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की SLP खारिज कर दी।
अब हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रहेगा और 400 से अधिक पात्र अभ्यर्थियों को 90 दिन के अंदर नियुक्ति मिलेगी।








