शिक्षक पर FIR के विरोध में पैरीटोला के सैकड़ों ग्रामीण छुरिया थाना पहुंचे, FIR रद्द करने की मांग की

छुरिया।छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के छुरिया ब्लॉक के ग्राम पैरीटोला का है। जहाँ स्कूली बच्चे से पूछताछ और कथित तौर पर हाथ उठाने के विवाद के बाद शिक्षक के खिलाफ की गई पुलिसिया कार्रवाई का ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया है।ग्रामीणों और घटनाक्रम के अनुसार इस मामले की पूरी कहानी इस प्रकार है:

स्कूल न आने का कारण पूछना: घटना के अनुसार, शासकीय प्राथमिक शाला पैरीटोला में पदस्थ शिक्षक राजेश नेताम ने स्कूल में प्रार्थना के दौरान एक छात्र से लगातार दो दिनों तक स्कूल नहीं आने का कारण पूछा। छात्र ने जवाब दिया कि वह दूसरे गांव गया था।इसी दौरान प्रार्थना स्थल पर मौजूद एक बालिका ने शिक्षक को बताया कि बालक दूसरे गांव नही  गया था, बल्कि गांव में लगे गणेश पंडाल के आसपास घूम रहा था, ग्रामीणो के अनुसार इस बात पर बालक ने उक्त बालिका के साथ कथित तौर पर गंदी गाली दी, शिक्षक द्वारा उसे डांटने पर बालक ने शिक्षक के साथ भी कथित रूप से गंदी गाली दी, इसी दौरान शिक्षक ने बालक को हल्के हाथों से एक थप्पड़ मार दिया, इसके बाद बालक अपने माता-पिता को बताने की बात कहकर स्कूल से चला गया, उस समय बालक के पिता घर पर मौजूद नही थे।ग्रामीणो के मुताबिक अगले दिन बालक अपने पिता के साथ स्कूल पहुंचा, पिता ने स्कूल में मौजूद बच्चों और शिक्षकों से घटना की जानकारी ली, ग्रामीणो का कहना है कि वहा मौजूद लोगों ने बताया कि बालक ने पहले एक बालिका और बाद में शिक्षक के साथ गंदी गाली-गलौज की थी।

विवाद और आपसी समझौता: इस दौरान शिक्षक ने छात्र को पढ़ाई के प्रति लापरवाही बरतने पर कथित रूप से डांट लगाई या थप्पड़ मारा, जिसे लेकर बालक के परिजन नाराज हो गए थे। हालांकि, बाद में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बैठक हुई। बैठक में शिक्षक और बालक के माता-पिता के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया था और मामला शांत हो चुका था। बालक के परिजनों ने लिखित में पुलिस को भी दे दिया था कि वे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते।

पुलिस द्वारा FIR दर्ज करना: आपसी समझौते और शिकायतकर्ता द्वारा कार्रवाई न चाहने के बावजूद, 22 सितम्बर को पुलिस ने शिक्षक राजेश नेताम के खिलाफ FIR दर्ज कर ली।

ग्रामीणों का आक्रोश: पुलिस की इस कार्रवाई से पैरीटोला के ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों का कहना है कि जब मामला आपसी तौर पर सुलझ चुका था और छात्र के माता-पिता खुद कार्रवाई नहीं चाहते थे, तो पुलिस ने FIR क्यों दर्ज की। इसी के विरोध में ग्राम पैरीटोला के सैकड़ों ग्रामीण 5 ट्रैक्टरों में सवार होकर और पीड़ित बालक के माता-पिता को साथ लेकर छुरिया थाना पहुंचे।ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और मांग की है कि शिक्षक के खिलाफ दर्ज की गई FIR को तुरंत निरस्त किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि शिक्षक को बिना वजह प्रताड़ित न होना पड़े।

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