सिमगा/बलौदाबाजार। सिमगा नगर में गणेश विसर्जन के दौरान पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज को लेकर विवाद गहरा गया है। गणेश समितियों के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना के विरोध में नगर में बंद का आह्वान किया गया और जय स्तंभ चौक पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गणेश विसर्जन के दौरान पुलिस और गणेश समितियों से जुड़े लोगों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हुई। आरोप है कि पुलिस द्वारा अलग-अलग गणेश समितियों के सदस्यों पर लाठीचार्ज किया गया। इस कार्रवाई में योगराज देवांगन, मुकुंद रजक, टेबू देवांगन सहित अन्य लोगों के प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों द्वारा की गई कार्रवाई के कारण स्थिति बिगड़ी। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों और लाठीचार्ज के आदेश को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।
सिमगा में प्रतिवर्ष गणेश विसर्जन के दौरान भव्य झांकियों का आयोजन होता है, जिसमें नगर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। इस वर्ष हुई घटना के बाद पुलिस प्रशासन और नगरवासियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
घटना के विरोध में विभिन्न राजनीतिक दलों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इनमें नगर पालिका अध्यक्ष हरदीप सिंह भाटिया, कांग्रेस विधायक प्रतिनिधि शैली भाटिया, कांग्रेस नेता पप्पू अली, भाजपा मंडल अध्यक्ष चंद्रमणि तिवारी, एल्डरमैन अभिजीत अवस्थी, वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल पांडे, धीरज जैन, शिवधारी देवांगन, सूर्यकांत ताम्रकार तथा महिला मोर्चा की नेता एवं एल्डरमैन रुक्मिणी साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिमगा के अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) अतुल शेटे धरना स्थल जय स्तंभ चौक पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले में उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने शांति व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता बताते हुए प्रशासन और आमजन के बीच समन्वय कायम करने की बात कही।
धरना स्थल पर पत्रकारों द्वारा लाठीचार्ज के आदेश को लेकर पूछे गए सवाल पर भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी।
इधर, घटना के विरोध में सिमगा नगर के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने का आह्वान किया गया। नगरवासियों ने शांतिपूर्वक धरना देकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
नगरवासियों का आरोप है कि लाठीचार्ज की कार्रवाई हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, कथित रूप से जिम्मेदार अधिकारियों को पद से हटाने तथा संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
वहीं, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा और छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा द्वारा भी घटना पर संज्ञान लिए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने नगरवासियों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सभी से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की है।
फिलहाल मामले में प्रशासन की जांच और दोनों पक्षों के बयान के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लाठीचार्ज किन परिस्थितियों में हुआ और इसकी जिम्मेदारी किसकी थी।








