वृंदावन के गुरु कृपा कुंज आश्रम में गहराया सस्पेंस: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की चौथी मंजिल से गिरकर संदिग्ध मौत, कमरे से मिला खून से सना ग्राइंडर और कटे निजी अंग का रहस्य

उत्तर प्रदेश के पावन धाम वृंदावन से एक ऐसी सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके सहित सोशल मीडिया पर आध्यात्मिक जगत से जुड़े लोगों को स्तब्ध कर दिया है। वृंदावन के वराह घाट इलाके में स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम में रहने वाले विख्यात संत प्रेमानंद महाराज के एक 25 वर्षीय युवा शिष्य की चौथी मंजिल से गिरकर बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी दीपक लोधी के रूप में हुई है, जिन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद अपना नाम रसिक दुलारी शरण रख लिया था और पिछले करीब दो वर्षों से इसी आश्रम परिसर में रहकर साधना कर रहे थे। घटना शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है, जब अचानक वह चार मंजिला इमारत की छत से नीचे सड़क पर आ गिरे। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत पास के सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन घटना की इनसाइड स्टोरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जो बातें निकलकर सामने आ रही हैं, उन्होंने इस पूरी घटना को एक गहरे रहस्य में बदल दिया है।इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब साधक रसिक दुलारी शरण के शव का दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया और उसकी वीडियोग्राफी की गई। पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट और पुलिस छानबीन में मृतक के शरीर पर सिर, पैर और कमर सहित कुल सात गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। इसके अलावा सबसे चौंकाने वाली और विचलित करने वाली बात यह सामने आई कि मृतक का गुप्तांग (प्राइवेट पार्ट) कटा हुआ था और वहां से भारी मात्रा में खून बह रहा था। जब पुलिस की फोरेंसिक टीम जांच के लिए चौथी मंजिल पर स्थित साधक के कमरे में दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। कमरे के भीतर से एक खून से सनी हुई ग्राइंडर मशीन बरामद हुई है, जिसके ऊपर खून के गहरे धब्बे लगे थे। इसके साथ ही कमरे से एक डायरी भी पुलिस के हाथ लगी है। कमरे में मिले इन सबूतों के बाद अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या साधक ने नीचे कूदने से पहले खुद ग्राइंडर मशीन से अपना गुप्तांग काटा था या फिर इस खौफनाक वारदात के पीछे किसी बाहरी शख्स का हाथ था, जिसने उन पर हमला किया और उन्हें नीचे फेंक दिया।इसी बीच इस पूरी घटना का एक एक्सक्लूसिव सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें मौत के आखिरी पलों की तस्वीरें कैद हुई हैं। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि पीले वस्त्र पहने रसिक दुलारी शरण लगभग 40 फीट की ऊंचाई से सीधे नीचे सड़क पर अपने पैरों के बल गिरते हैं। ऊंचाई और दबाव के कारण जमीन पर गिरते ही उनका सिर सड़क से जोर से टकराता है और वह गंभीर रूप से तड़पने लगते हैं। उसी समय वहां से गुजर रहे राहगीर और पानी की सप्लाई करने वाली एक गाड़ी के लोग इस भयावह दृश्य को देखकर सहम जाते हैं और तुरंत मदद के लिए आगे बढ़ते हैं। पुलिस इस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कूदते समय उनके कमरे के आसपास कोई और मौजूद था या नहीं।इस बीच मृतक दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण के परिजनों का भी बेहद भावुक और हैरान करने वाला बयान सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही जबलपुर से मां लौंग देवी, भाई मनीष और बहन वृंदावन पहुंचे, जहां यमुना किनारे रोते-बिलखते परिजनों ने दीपक का अंतिम संस्कार किया। साधक की मां ने आश्रम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गुरु दीक्षा लेने के बाद से परिवार को दीपक से ठीक से मिलने या बात नहीं करने दी जाती थी और उन पर कई तरह की पाबंदियां थीं। परिजनों ने इस पूरी घटना के पीछे किसी गहरी साजिश की आशंका जताते हुए मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। मथुरा के एसपी सिटी राजीव कुमार के मुताबिक, पुलिस वर्तमान में आत्महत्या और हत्या, दोनों ही दृष्टिकोणों से इस पेचीदा मामले की गहन पड़ताल कर रही है। हालांकि सीसीटीवी में साधक ऊपर से अकेले गिरते हुए दिख रहे हैं, लेकिन कमरे से ग्राइंडर मशीन का मिलना और गुप्तांग का कटना इस सुसाइड थ्योरी को अत्यधिक संदिग्ध बना देता है। पुलिस का कहना है कि अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट और कमरे से मिली डायरी की जांच पूरी होने के बाद ही इस मौत के असली सच से पर्दा उठ सकेगा।

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