विकास सिन्हा,पोटगांव, उत्तर बस्तर कांकेर। नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने और समाज को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से ग्राम पोटगांव में नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली को आसपास के गांवों के जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन मिला। अण्डी, कोदागांव और बागडोंगरी सहित चार गांवों के सरपंच, जनप्रतिनिधि, ग्राम अध्यक्ष, ग्राम पटेल एवं ग्रामीणजन इस अभियान में शामिल हुए।

रैली बाजार पारा इन्द्र चौक से प्रारंभ होकर अण्डी चौक, घोटुल भवन चौक एवं आवास पारा होते हुए मानस मंच इन्द्र चौक पहुंची। इस दौरान लोगों ने शराब, तंबाकू, गुटखा एवं अन्य नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया। रैली में “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” और “नशामुक्त गांव—स्वस्थ समाज” जैसे नारों के माध्यम से नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
जनप्रतिनिधियों ने अपने गांवों में भी अभियान चलाने का लिया संकल्प
रैली में शामिल आसपास के गांवों के जनप्रतिनिधियों ने नशा मुक्ति अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि वे भी अपने-अपने गांवों में नशा मुक्ति अभियान चलाएंगे और ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या को दूर करने के लिए सभी गांवों के लोगों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को मिलकर प्रयास करना होगा। इस पहल से नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक भागीदारी का संदेश मिला।
ये जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
कार्यक्रम में पोटगांव से जनकनंदन कश्यप (सचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी), श्रीमती देवकुमारी मंडावी (सरपंच, पोटगांव), पंचू राम नायक (जनपद सदस्य, जनपद पंचायत कांकेर), हिरेन्द कुबेर (ग्राम पटेल), दिलीप राजपूत, सखाराम माहला (ग्राम अध्यक्ष), माखन भदौरिया, मजबूत ठाकुर, गिरधारी मंडावी, भुनेश कस्तूरे, चंद्रप्रकाश नेताम, नकछेड़ा देहारी, भीम नायक, चैन सिंह साहू एवं अवध कोकिला सहित समस्त वार्ड पंच उपस्थित रहे।
वहीं ग्राम अण्डी से विशेष माहला (सरपंच, ग्राम पंचायत अण्डी) एवं गुलाब साहू, ग्राम कोदागांव से श्रीमती दूज बाई नेताम (सरपंच), ग्राम बाबू दबेना से श्रीमती हेमलता घरत (सरपंच) तथा ग्राम बागडोंगरी से दिनेश गांवड़े (सरपंच) शामिल हुए। इसके साथ ही चारों गांवों के ग्राम अध्यक्ष, ग्राम पटेल एवं अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी अपनी सहभागिता निभाई।
सामूहिक प्रयास से बनेगा नशामुक्त समाज
अभियान के माध्यम से संदेश दिया गया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल एक व्यक्ति या एक गांव की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को नशे से दूर रखने, परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने तथा स्वस्थ सामाजिक वातावरण बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
पोटगांव की इस पहल को आसपास के गांवों के जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिलना नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने गांवों में भी अभियान चलाने के संकल्प से नशामुक्ति का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की उम्मीद है।






