गायत्री आश्रम चांदो में अस्थि विसर्जन एवं पिंडदान संस्कार का शुभारंभ

  • वैदिक विधि-विधान से सम्पन्न हुआ प्रथम पिंडदान संस्कार, शिवनाथ नदी में कराया गया अस्थि विसर्जन

घनश्याम साव ,डोंगरगांव। अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा स्थापित गायत्री आश्रम चांदो में धार्मिक एवं संस्कार परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए अस्थि विसर्जन एवं पिंडदान संस्कार का शुभारंभ किया गया। बुधवार को आश्रम में प्रथम पिंडदान संस्कार वैदिक रीति-रिवाज एवं विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया गया।

आश्रम के पुरोहित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पिंडदान एवं संबंधित कर्मकांड विधिवत सम्पन्न कराया गया। इसके पश्चात श्रद्धापूर्वक पतित पावनी शिवनाथ नदी में अस्थि विसर्जन कराया गया।

आश्रम ट्रस्ट ने बताया कि गायत्री आश्रम चांदो में श्रद्धालुओं की धार्मिक एवं आध्यात्मिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संस्कारों की व्यवस्था की जा रही है। आश्रम में पुंसवन, मुंडन, नामकरण, जनेऊ, दीक्षा, विवाह, गृह प्रवेश, जन्मदिवस एवं विवाह दिवस यज्ञ, मूल शांति, पिंडदान एवं अस्थि विसर्जन सहित विभिन्न संस्कार वैदिक परंपरा के अनुसार सम्पन्न कराए जा रहे हैं।

शिवनाथ नदी के पावन तट पर स्थित गायत्री आश्रम चांदो को आध्यात्मिक साधना एवं भारतीय संस्कार परंपराओं के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। अस्थि विसर्जन एवं पिंडदान संस्कार की शुरुआत से क्षेत्र के श्रद्धालुओं को स्थानीय स्तर पर वैदिक विधि-विधान के साथ इन धार्मिक संस्कारों को सम्पन्न कराने की सुविधा उपलब्ध होगी।


  • आश्रम ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परंपराओं से जुड़े इन संस्कारों के लिए गायत्री आश्रम चांदो से संपर्क करने का आग्रह किया है।

 

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