भूपेश बघेल की टिप्पणी पर डॉ. देवेंद्र माहला ने जताई आपत्ति, कहा राजनीति में भाषा की मर्यादा और पद की गरिमा का सम्मान आवश्यक

बालोद।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए कथित रूप से अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किए जाने पर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री डॉ. देवेंद्र माहला ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में प्रत्येक जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि वह अपने पद की गरिमा, राजनीतिक मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करे। राजनीतिक मतभेदों को व्यक्त करने के लिए अभद्र एवं अपमानजनक भाषा का सहारा लेना उचित नहीं है।

डॉ. देवेंद्र माहला ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन मतभेदों की आड़ में व्यक्तिगत टिप्पणी करना और संवैधानिक एवं राजनीतिक पदों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का प्रयोग करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। भारतीय जनता पार्टी विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है, जिसका आधार राष्ट्रसेवा, संगठनात्मक अनुशासन और जनकल्याण के प्रति समर्पण है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय नितिन नबीन जी के प्रति इस प्रकार की टिप्पणी करना राजनीतिक शिष्टाचार और स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को सार्वजनिक वक्तव्यों में संयम और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। राजनीति केवल आरोप-प्रत्यारोप का माध्यम नहीं, बल्कि जनता के विश्वास, विचारों और जनसेवा के संकल्प का मंच है।जनप्रतिनिधियों के शब्द समाज में राजनीतिक संवाद की दिशा तय करते हैं, इसलिए भाषा में शालीनता और व्यवहार में मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।

डॉ. देवेंद्र माहला ने कहा कि राजनीतिक विरोध विचारों, नीतियों और कार्यों के आधार पर होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत अपमान और अमर्यादित टिप्पणियों के माध्यम से। लोकतंत्र की मजबूती स्वस्थ संवाद, परस्पर सम्मान और वैचारिक संघर्ष में निहित है। सार्वजनिक जीवन में गरिमापूर्ण भाषा का पालन करना प्रत्येक नेता की जिम्मेदारी है।

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