आस्था से खिलवाड़? बर्दाश्त नहीं महामाया मंदिर से कोतवाली तक आक्रोश रैली

मुंगेली। मुंगेली नगर में लगातार माता के जगराता, माता के आगमन और विसर्जन जैसे पवित्र धार्मिक आयोजनों में हिंदी और छत्तीसगढ़ी फिल्मी गानों का प्रचलन बढ़ता जा रहा है, जिससे आहत होकर आज हिंदू संगठनों ने अपना कड़ा विरोध जताया और आक्रोश रैली निकाली।

दाऊपारा महामाया मंदिर से कोतवाली तक गूंजे जयकारे –
धर्म के नाम पर फूहड़ता और आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करने की बात कहते हुए गौ सेवा धाम जिला मुंगेली के नेतृत्व में सैकड़ों धर्मप्रेमी नागरिकों और विभिन्न हिंदू संगठनों ने आक्रोश रैली निकाली। यह रैली दाऊपारा स्थित माता महामाया मंदिर से शुरू होकर नगर भ्रमण करते हुए थाना सिटी कोतवाली पहुंची।

ज्ञापन देकर की कार्रवाई की मांग –
हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने सिटी कोतवाली थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखी जाए। माता के पंडालों और धार्मिक मंचों पर देवी गीतों को छोड़कर अन्य फिल्मी, अश्लील और फूहड़ गाने बजाना तत्काल बंद कराया जाए। संगठनों ने चेतावनी दी कि आस्था से खिलवाड़ हिंदू संगठन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा और इस तरह के गाने बजाने वालों पर कार्रवाई की जाए।

क्यों भड़का आक्रोश?
बताया जा रहा है कि विगत कुछ दिन पूर्व मुंगेली में आयोजित एक भाव जागरण में गायक *अनुराग शर्मा द्वारा ‘जन्नत की हर नहीं… कब तय निकलबे रे मोर चंदा’* जैसे फिल्मी गानों का चयन किया गया था। वहीं मुंगेली के मल्हापारा में आयोजित एक जगराता में गायक *नीलकमल वैष्णव द्वारा ‘पान खवा दे भाटो’* जैसे गानों को गाया गया था। इन गानों के वीडियो वायरल होने के बाद धर्मप्रेमियों में नाराजगी थी, जिसके विरोध में आज गौ सेवा धाम के कार्यकर्ता एवं हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया।

गौ सेवा धाम के कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी का विरोध करना नहीं है, हमारा उद्देश्य सिर्फ इतना है कि धार्मिक आयोजनों की मर्यादा बनी रहे। जब मंच माता का है, तो गीत भी माता के ही होने चाहिए, न कि फिल्मी अश्लीलता वाले।

पुलिस ने ज्ञापन लेकर आयोजकों को समझाइश देने और ऐसे मामलों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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