जगदलपुर।जगदलपुर में विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के दौरान उस समय भारी तनाव और अफरातफरी का माहौल बन गया, जब फूल रथ परिक्रमा के दौरान रविवार की रात रथ का एक पहिया अचानक निकल गया। जानकारी के अनुसार, परिक्रमा मार्ग पर आगे बढ़ रहा विशाल फूल रथ वहां पास ही में निर्माणाधीन विजय रथ से टकरा गया, जिसके कारण यह तकनीकी खराबी आई। पहिया निकलने के बावजूद पारंपरिक आस्था से जुड़े ग्रामीण और रथ खींचने वाले आदिवासी अपनी धार्मिक परंपरा को बीच में रोकने के लिए तैयार नहीं थे और वे उसी स्थिति में रथ को आगे बढ़ाने पर अड़ गए।
दूसरी ओर, इस स्थिति को बेहद संवेदनशील और खतरनाक मानते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने जनहानि की आशंका को देखते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया। प्रशासन ने रथ परिक्रमा को सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए जेसीबी और हाइड्रोलिक क्रेन जैसी आधुनिक मशीनों की मदद लेने का फैसला किया। धार्मिक परंपरा में सरकारी तंत्र और मशीनों के इस दखल को देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए, जिसके चलते पुलिस बल और स्थानीय ग्रामीणों के बीच तीखी बहस के साथ-साथ धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई।
इस बीच मौके पर मौजूद बस्तर के सांसद महेश कश्यप ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच मध्यस्थता की और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया। सांसद के हस्तक्षेप और सूझबूझ के बाद ही वहां बना गतिरोध समाप्त हुआ, जिसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से फूल रथ की परिक्रमा को सुरक्षित तरीके से विधि-विधान के साथ पूरा कराया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।






