देशभर में जहां एक ओर रोशनी के त्योहार दिवाली की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं दूसरी ओर मौसम के बदलते मिजाज ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में एक साथ दो शक्तिशाली मौसमी प्रणालियां सक्रिय हो गई हैं, जिसके कारण दक्षिण, पूर्वी और मध्य भारत में मौसम खराब होने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 26 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक तीव्र चक्रवाती तूफान विकसित हो सकता है, जिसका असर 24 से 30 अक्टूबर के दौरान देश के कई राज्यों में व्यापक रूप से देखने को मिलेगा। ऐसे में त्योहार के सीजन के दौरान लोगों को भारी बारिश और तेज हवाओं का सामना करना पड़ सकता है।
दिवाली प्रभावित होगी या नहीं?
मौसम विभाग के इन आंकड़ों को देखा जाए तो देश के कई हिस्सों में इस बार दिवाली के त्योहार का मजा थोड़ा फीका पड़ सकता है या तैयारियों में खलल पड़ सकता है। विशेष रूप से मध्य भारत के छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में त्योहार के ऐन वक्त पर यानी 28 से 30 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते बाजारों में रौनक और लक्ष्मी पूजा की तैयारियों पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी ठीक दिवाली के आसपास भारी वर्षा और 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की आशंका है, जिससे यातायात और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा रहेगा। हालांकि, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों जैसे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 25 अक्टूबर को केवल हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, इसलिए वहां दिवाली के मुख्य दिनों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है और त्योहार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
इन क्षेत्रों में मौसम रहेगा सबसे ज्यादा खराब
चक्रवाती तूफान और कम दबाव के क्षेत्र के कारण तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में स्थिति अधिक संवेदनशील बनी हुई है, जहां 27 और 28 अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है जो अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय और नागालैंड में भी त्योहार के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की पूरी संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने इन सभी प्रभावित क्षेत्रों के प्रशासनिक अधिकारियों और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे आंधी-तूफान के समय कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए यात्रा की योजना सावधानीपूर्वक बनाएं।







