रायपुर के पटेवा में स्कूल की शर्मनाक करतूत, अनुशासन के नाम पर मासूम छात्र की चोटी बनाकर काटे बाल, प्रिंसिपल पर एफआईआर दर्ज

  • मासूम छात्र के साथ स्कूल प्रबंधन की क्रूरता

रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नजदीक पटेवा (गोबरा नवापारा) स्थित एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ चौथी कक्षा में पढ़ने वाले एक मासूम छात्र के साथ अनुशासन सिखाने के नाम पर बेहद असंवेदनशील व्यवहार किया गया। स्कूल प्रबंधन ने छात्र के लंबे बालों की पहले चोटी बनाई और फिर सबके सामने उसे कैंची से बेरहमी से काट दिया। इस घटना के बाद से मासूम बच्चा इतना बुरी तरह सहम गया कि उसने स्कूल जाना ही छोड़ दिया। परिजनों की शिकायत के बाद हरकत में आए शिक्षा विभाग की गंभीर जांच रिपोर्ट को आधार बनाकर गोबरा नवापारा पुलिस ने स्कूल की प्राचार्य पल्लवी मरार के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

जांच में सामने आया मानसिक प्रताड़ना का सच

इस पूरे संवेदनशील मामले की शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने दो सीनियर प्राचार्यों की एक विशेष जांच टीम गठित की थी। इस जांच टीम ने 31 जुलाई को एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल का औचक निरीक्षण किया। टीम ने वहां पीड़ित छात्र, उसके माता-पिता, प्राचार्य पल्लवी मरार और स्कूल के अन्य शिक्षकों के आमने-सामने बयान दर्ज किए। जांच रिपोर्ट में रायपुर के धन्वंतरी अस्पताल की एक मेडिकल रिपोर्ट को भी साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है। डॉक्टरों की इस आधिकारिक रिपोर्ट में स्पष्ट पुष्टि हुई है कि बाल काटे जाने की इस अमानवीय घटना के बाद से मासूम बच्चा गंभीर मानसिक संताप और ट्रॉमा से गुजर रहा है। उसे रात में नींद न आना, अचानक चिड़चिड़ा हो जाना और स्कूल के नाम से ही अत्यधिक भयभीत होने जैसी मानसिक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।

शिक्षक पर भी लगा गंभीर मारपीट का आरोप

जांच टीम के सामने बच्चे ने न केवल बाल काटे जाने की प्रताड़ना बयां की, बल्कि स्कूल के एक और शिक्षक की क्रूरता को भी उजागर किया। छात्र ने बताया कि होमवर्क पूरा न होने की वजह से स्कूल के गणित शिक्षक अजय कुमार देवांगन ने भी उसके साथ शारीरिक मारपीट की थी और बेरहमी से उसका कान मरोड़ा था। स्कूल के भीतर मिलने वाली इस तरह की शारीरिक और मानसिक प्रताड़नाओं के कारण छात्र की स्कूल में उपस्थिति लगातार कम होने लगी थी। बच्चे की बिगड़ती मानसिक स्थिति और लगातार बैठते जा रहे डर को देखते हुए पीड़ित परिजनों ने आखिरकार अप्रैल में उसका दाखिला इस स्कूल से हटाकर दूसरे स्कूल में करा दिया।

प्राचार्य पल्लवी मरार पर पुलिस की कानूनी गाज

शिक्षा विभाग की इस बेहद गंभीर और पुख्ता जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस ने अपनी कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। गोबरा नवापारा थाना पुलिस ने स्कूल की प्राचार्य पल्लवी मरार के खिलाफ किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75 के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह धारा बच्चों के प्रति क्रूरता और उन्हें मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना देने के मामलों में लगाई जाती है। जांच के दौरान प्राचार्य ने छात्र के बाल व्यवस्थित करने की बात स्वीकार की है, लेकिन पुलिस अब इस पूरे मामले में क्रूरता के पहलुओं की गहराई से तफ्तीश कर रही है ताकि बच्चे को न्याय मिल सके।

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