बलौदाबाजार में कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग

‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत प्रेसवार्ता, 1 नवंबर की दिल्ली महारैली पर नजर

बलौदाबाजार, 27 अक्टूबर 2026। कांग्रेस के ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत मंगलवार को बलौदाबाजार में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इसमें कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची के संशोधन के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे पात्र मतदाताओं के मताधिकार प्रभावित होने की आशंका है।

मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोपों पर उठाए सवाल

प्रेसवार्ता में कांग्रेस ऑब्जर्वर शरद आहेर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान नाम हटाए जाने से जुड़े मामलों में चुनाव आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

आहेर ने पश्चिम बंगाल में कथित घुसपैठियों की पहचान के नाम पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि ऐसे कितने लोगों की पहचान की गई है और उनके खिलाफ क्या प्रमाण उपलब्ध हैं। उन्होंने इस संबंध में चुनाव आयोग से स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रखने की मांग

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि पुनरीक्षण के दौरान बिना उचित प्रक्रिया के किसी पात्र मतदाता का नाम हटाया जाता है, तो वह अपने मताधिकार से वंचित हो सकता है।

पार्टी ने मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के साथ ही चुनाव आयोग से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के माध्यम से मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाया जा रहा है।

1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित महारैली पर नजर

कांग्रेस अब इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी में है। पार्टी की नजर 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ जन मार्च और महारैली पर है।

कांग्रेस इस आयोजन के माध्यम से मतदाता सूची के पुनरीक्षण, मतदाताओं के अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी कर रही है।

 

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