सिमगा बस हादसे में पांच की मौत, 14 घायल; हेल्पर पवन की कहानी भी बेहद दर्दनाक
बलौदाबाजार, 27 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में सिमगा के समीप हुए भीषण बस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 यात्री घायल हो गए। मृतकों में रायपुर एम्स में इलाज कराने जा रहे दो दोस्त और बस का हेल्पर भी शामिल हैं। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले के बलंगी से रायपुर जा रही यात्री बस सोमवार तड़के सिमगा के पास ग्राम दरचुरा में सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पांच लोगों की जान चली गई और 14 यात्री घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए रायपुर भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
इलाज की उम्मीद लेकर निकले थे दो दोस्त
हादसे की सबसे दर्दनाक कहानी बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र के ग्राम सरना निवासी शमीम मोहम्मद (39) और अतुल कुमार (33) की है। दोनों गहरे दोस्त थे और अपने परिवारों का सहारा थे। शमीम ग्रामीण बाजारों में घरेलू उपयोग की सामग्री बेचकर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके चेहरे पर संक्रमण होने के कारण वह परेशान था। स्थानीय डॉक्टरों से इलाज कराने के बाद भी राहत नहीं मिली, तो उसने रायपुर एम्स में उपचार कराने का निर्णय लिया।
दोस्त की परेशानी जानकर अतुल कुमार ने भी उसके साथ रायपुर जाने का फैसला किया। दोनों ने रविवार शाम घर से खुशी-खुशी विदाई ली थी। परिजनों को उम्मीद थी कि इलाज कराकर वे एक-दो दिन में वापस लौट आएंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
सोमवार सुबह परिवारों को बस दुर्घटना की सूचना मिली। घर से निकलने के महज 12 घंटे के भीतर दोनों दोस्तों की मौत की खबर पहुंच गई। इस सूचना से दोनों परिवारों में मातम छा गया। शमीम और अतुल, दोनों के छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया।
बचपन में माता-पिता को खो चुका था हेल्पर पवन
हादसे में बस हेल्पर पवन देवांगन (24) की मौत ने भी सभी को झकझोर दिया। बलंगी निवासी पवन ने बचपन में ही अपने माता-पिता को खो दिया था। जब वह महज एक साल का था, तभी उसकी मां का निधन हो गया। कुछ साल बाद पिता भी चल बसे। इसके बाद उसके मामा-मामी ने उसका पालन-पोषण किया।
बड़ा होने पर पवन ने बस में हेल्पर का काम शुरू किया। हंसमुख और मिलनसार स्वभाव के कारण वह लोगों के बीच लोकप्रिय था। उसे अपने गांव से रायपुर जाने वाली बस में काम मिल गया था और उसकी जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही थी। लेकिन सोमवार तड़के हुए हादसे ने उसकी जिंदगी छीन ली। परिवार और रिश्तेदारों के लिए यह दुखद घटना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है।
दो दंपती और पिता-पुत्र भी घायल
दुर्घटना में सूरजपुर और बलरामपुर जिले के कई यात्री घायल हुए हैं। घायलों में रामानुजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम साल्ही आमगांव निवासी सविता केवट (21) और उनके पति बुधराम केवट (25) शामिल हैं। वहीं, वाड्रफनगर क्षेत्र के ग्राम बेतों निवासी निर्मला यादव (52) और उनके पति दुलेश्वर यादव (54) भी घायल हुए हैं।
इसके अलावा वाड्रफनगर के बरतीकला निवासी अमन गुप्ता और उनके पिता कमल दास गुप्ता (59) भी हादसे में घायल हुए हैं। सभी घायलों का रायपुर में उपचार जारी है।
तेज रफ्तार बसों पर फिर उठे सवाल
सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों से प्रतिदिन रात में रायपुर और दुर्ग के लिए यात्री बसें रवाना होती हैं। सुबह जल्दी गंतव्य तक पहुंचने की होड़ में बसों की तेज रफ्तार को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। सिमगा के पास हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यात्री सुरक्षा और सड़क किनारे खड़े वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौत से कई परिवारों की दुनिया उजड़ गई, जबकि घायल यात्री अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।नोट: समाचार आपके उपलब्ध कराए गए विवरण के आधार पर तैयार किया गया है। प्रकाशन से पहले मृतकों की कुल संख्या, घायलों की स्थिति और दुर्घटना के आधिकारिक विवरण की पुष्टि कर लें।







