रायपुर।छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की 26वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी रायपुर में राज्योत्सव 2026 का शंखनाद हो चुका है। इस पावन मौके पर प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट और अनुकरणीय योगदान देने वाली महान विभूतियों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कारों की आधिकारिक घोषणा की है। इस वर्ष कुल 36 श्रेणियों में सम्मान दिए जा रहे हैं, जिनमें कला, संस्कृति, साहित्य, खेल, पत्रकारिता और सामाजिक समरसता जैसे विविध क्षेत्र शामिल हैं। सरकार ने इस बार पुरस्कारों का दायरा बढ़ाते हुए विश्व प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्मविभूषण तीजन बाई और महान संत रविदास के नाम पर दो नए राज्य अलंकरण पुरस्कारों को भी शामिल किया है, जिससे इस आयोजन की महत्ता और अधिक बढ़ गई है।
सिनेमा और कला-संस्कृति के क्षेत्र में मोहन सुंदरानी और डॉ. पुरुषोत्तम को बड़ा सम्मान
कला और संस्कृति की विधा में छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत को सहेजने वाले दिग्गजों को शीर्ष सम्मानों से नवाजा गया है। छत्तीसगढ़ी सिनेमा और कला जगत में अद्वितीय योगदान के लिए इस वर्ष का प्रतिष्ठित किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण मोहन सुंदरानी को प्रदान किया जा रहा है। वहीं रंगमंच और लोक कला के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य के लिए डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर को हबीब तनवीर सम्मान से विभूषित किया जा रहा है। इसके साथ ही शास्त्रीय संगीत और नृत्य के क्षेत्र में समर्पित साधना के लिए डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति को चक्रधर सम्मान देने का निर्णय लिया गया है।
साहित्य और पत्रकारिता में डॉ. बिहारीलाल और वरिष्ठ पत्रकार अनंत विजय का गौरव
साहित्यिक अवदान और रचनात्मक पत्रकारिता के क्षेत्र में भी देश और प्रदेश की बड़ी हस्तियों के नामों पर मुहर लगी है। हिंदी साहित्य के विकास में बहुमूल्य योगदान के लिए इस बार का हिंदी साहित्य सम्मान डॉ. बिहारीलाल साहू की झोली में गया है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले देश के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अनंत विजय को पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान से अलंकृत किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ की ओर से वैचारिक राष्ट्रवाद और रचनात्मकता को एक बड़ा सम्मान है।
सामाजिक समरसता और कल्याण के लिए डुमन लाल और सुखचंद भास्कर अग्रिम पंक्ति में
समाज सेवा, आदिवासी कल्याण और दलित उत्थान के क्षेत्र में धरातल पर काम करने वाले नायकों को भी राज्य ने सिरआंखों पर बिठाया है। सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में विशिष्ट कार्यों के लिए डुमन लाल ध्रुव को शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान से नवाजा जा रहा है। इसी क्रम में सामाजिक चेतना और मानवता की सेवा के लिए सुखचंद भास्कर को प्रतिष्ठित गुरु घासीदास सम्मान प्रदान किया जा रहा है, जो राज्य में सामाजिक समरसता के संदेश को और मजबूत करेगा।
खेल जगत में तीरंदाज टोमन कुमार और संजू देवी ने लहराया परचम
खेलों की दुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाले युवा खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल पुरस्कारों की घोषणा भी की गई है। तीरंदाजी के क्षेत्र में अपनी अचूक प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले खिलाड़ी टोमन कुमार को इस वर्ष का विशेष तीरंदाजी पुरस्कार दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त खेल के मैदान पर उत्कृष्ट प्रदर्शन और राज्य का गौरव बढ़ाने के लिए महिला एथलीट संजू देवी को भी खेल क्षेत्र सम्मान से पुरस्कृत किया जा रहा है, जो प्रदेश के उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।
घोषित की गई सूची के कुछ प्रमुख पुरस्कार और उनके प्राप्तकर्ता इस प्रकार हैं:
• किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण: मोहन सुंदरानी
• हबीब तनवीर सम्मान (कला और संस्कृति): डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर
• चक्रधर सम्मान: डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति
• हिंदी साहित्य प. सुंदरलाल शर्मा सम्मान: डॉ. बिहारीलाल साहू
• पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान: अनंत विजय (वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक)
• शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान (सामाजिक और जनकल्याण): डुमन लाल ध्रुव
• गुरु घासीदास सम्मान: सुखचंद भास्कर
• तीरंदाजी पुरस्कार (खेल क्षेत्र): टोमन कुमार
• खेल क्षेत्र सम्मान: संजू देवी







