न्यायालय के आदेश की अवहेलना पर डोंगरगांव नगर पंचायत के खिलाफ कुर्की वारंट, 31 लाख की संपत्तियां निशाने पर

डोंगरगांव।राजनांदगांव के तृतीय जिला न्यायालय ने एक पुराने भुगतान मामले में आदेश की अवहेलना करने पर नगर पंचायत डोंगरगांव के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने यह सख्त फैसला सिविल निष्पादन प्रकरण ‘सिंध एजेंसी (प्रोपराइटर) बनाम नगर पंचायत डोंगरगांव व अन्य’ (Civil EXE/19/2025) की सुनवाई के दौरान सुनाया है। बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद निकाय और जिला प्रशासन द्वारा बकाया राशि का भुगतान नहीं करने पर न्यायालय ने अब दंडात्मक कदम उठाते हुए कुर्की वारंट जारी कर दिया है।

अदालत के आदेश, संपत्तियां और कानूनी निर्देश

यह विवाद मूल मुकदमा क्रमांक CSB-142/5/2023 से जुड़ा है, जिसमें 20 जून 2025 को सिंध एजेंसी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए अदालत ने मूल रकम और खर्च समेत कुल ₹13,60,406.71 का भुगतान करने का निर्देश दिया था। लंबे समय तक भुगतान न होने पर अदालत ने जिला नाजिर राजनांदगांव के नाम कुर्की वारंट जारी किया है, जिसमें कलेक्टर राजनांदगांव (DUDA) और नगर पंचायत डोंगरगांव को पक्षकार बनाया गया है।

डिक्रीधारी द्वारा प्रस्तुत सूची के अनुसार करीब 31 लाख रुपये की संपत्तियां निशाने पर हैं, जिनमें लगभग 4 लाख के 20 एसी, 25 लाख के 10 शासकीय वाहन और 2 लाख रुपये कीमत के टेबल, चेयर, पंखे, अलमारियां व कूलर शामिल हैं। यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं हुआ, तो जिला नाजिर इन चल संपत्तियों को कुर्क कर अनुपालन रिपोर्ट पेश करेंगे।

Hot Topics

Related Articles