राजनांदगांव।छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर जिले के पचपेड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम लोहर्सी से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक कलयुगी पोते ने अपनी 65 वर्षीय बुजुर्ग दादी की महज इसलिए बेरहमी से हत्या कर दी क्योंकि वह उसे गलत संगत से बचाना चाहती थी और रात के समय बिना वजह बाहर घूमने से मना करती थी। आरोपी ने घर में रखी खाट (चारपाई) के भारी पाए (लकड़ी के खुरे) से बुजुर्ग महिला के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार किए, जिससे अत्यधिक खून बह जाने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात के बाद भी आरोपी के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। वह कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर शव के पास ही बैठा रहा और खुद फोन लगाकर अपने पिता और रिश्तेदारों को वारदात की जानकारी दी।
गलत संगत और रोक-टोक से नाराज था आरोपी पोता
पुलिस जांच और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम लोहर्सी के सतनामीपारा में रहने वाली बुजुर्ग महिला नरबदा कोशले (65 वर्ष) अपने 21 वर्षीय पोते मृत्युंजय उर्फ बब्बू कोशले के साथ रहती थीं। मृतका के पति तिरिथराम का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि उनका बेटा और आरोपी का पिता साजन कोशले अपने परिवार के साथ रोजी-रोटी कमाने के सिलसिले में ऊटी गया हुआ था। माता-पिता के घर पर न होने के कारण आरोपी बब्बू देर रात तक आवारागर्दी करता था और गलत संगत में पड़ चुका था। उसकी दादी उसे अक्सर सुधारने की कोशिश करती थीं और रात को बाहर जाने से रोकती थीं। आए दिन की इस रोक-टोक से आरोपी बब्बू बुरी तरह नाराज रहता था। घटना की रात भी जब दादी ने उसे बाहर जाने से मना किया, तो वह गुस्से से आगबबूला हो गया और उसने पास ही रखी खाट का पाया निकालकर बुजुर्ग दादी के सिर और पैर पर जानलेवा हमला कर दिया।
हत्या के बाद लाश के पास बैठा रहा, खिड़की से खुली पोल
दादी की जान लेने के बाद आरोपी ने खुद को उसी कमरे में बंद कर लिया। उसने अंदर से सिटकनी लगा ली और मृतका के लहूलुहान शव के पास ही बैठा रहा। इसके बाद उसने ऊटी में रह रहे अपने पिता साजन कोशले और गाँव में रहने वाले दादी के भाई भगवत महिलांगे को मोबाइल पर कॉल किया। उसने फोन पर बेहद ठंडे दिमाग से कहा कि उसने दादी को मार डाला है क्योंकि वह उसे रोज-रोज बाहर जाने से रोकती थीं। इस चौंकाने वाली खबर को सुनकर जब मृतका के भाई भगवत तुरंत भागते हुए घर पहुंचे, तो मुख्य दरवाजा अंदर से लॉक था। जब उन्होंने खिड़की से भीतर झांका, तो कमरे के फर्श पर उनकी बहन नरबदा कोशले का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था और बब्बू वहीं बैठा था।
ग्रामीणों के सामने नहीं खोला दरवाजा, पुलिस ने किया गिरफ्तार
भगवत और आस-पास के ग्रामीणों ने बब्बू को दरवाजा खोलने के लिए बार-बार आवाज लगाई, लेकिन उसने अंदर से कोई जवाब नहीं दिया और न ही कुंडी खोली। इसके बाद मामले की सूचना तत्काल डायल 112 और पचपेड़ी थाना पुलिस को दी गई। पुलिस की टीम जब दलबल के साथ मौके पर पहुंची और आरोपी को सख्त हिदायत दी, तब जाकर उसने कमरे का दरवाजा खोला। दरवाजा खुलते ही आरोपी सीधे बाहर आया और खुद पुलिस की गाड़ी में जाकर बैठ गया। पचपेड़ी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी मृत्युंजय उर्फ बब्बू कोशले के खिलाफ हत्या का आपराधिक मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है।









