15 अगस्त का कारनामा, पुलिस ने सम्मानपूर्वक उतारा झंडा, कार्रवाई की तैयारी
डोंगरगांव (दीपक अवस्थी)। स्वतंत्रता दिवस पर डोंगरगांव डाकघर के अधिकारियों की जल्दबाज़ी उन्हें सीधे कानून के शिकंजे में ले आई। झंडा फहराने के लिए खंभा नहीं मिला तो कर्मचारियों ने बिना सोचे-समझे ऑफिस के सामने लगे टेलीफोन के खंभे पर ही आधी ऊँचाई पर तिरंगा फहरा दिया। औपचारिकता पूरी होते ही सभी कर्मचारी घर निकल गए।
राष्ट्रीय ध्वज संहिता के अनुसार तिरंगे को प्रमुख और ऊँचे स्थान पर, पूर्ण सम्मान के साथ फहराना अनिवार्य है। इसका उल्लंघन राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत दंडनीय अपराध है। मामले की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा और तहसीलदार पी एल नाग एवं भाजपा नेता राम कुमार गुप्ता , मंडल अध्यक्ष दीना पटेल की मौजूदगी में झंडा सम्मानपूर्वक उतारा गया। पुलिस शिकायत के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
स्थानीय नागरिकों ने इसे “राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान” बताते हुए कड़ी नाराज़गी जताई।
तिरंगा फहराने के मुख्य नियम (राष्ट्रीय ध्वज संहिता, 2002)
• ऊँचाई और स्थान – तिरंगा हमेशा प्रमुख और ऊँचे स्थान पर फहराया जाए।
• सम्मान का ध्यान – झंडा कभी जमीन, पानी या नीचे रखी वस्तुओं को न छुए।
• सिर्फ तिरंगा ऊपर – यदि किसी डंडे पर अन्य झंडे हों, तो तिरंगा सबसे ऊपर रहे।
• अर्ध-नमस्ते – केवल राष्ट्रीय शोक पर ही झंडा आधा झुकाया जा सकता है।
• कोई लिखावट/चित्र नहीं – तिरंगे पर किसी तरह की लिखावट, प्रतीक या डिजाइन नहीं हो सकती।
मामले की जांच की जा रही है उसके उपरांत आगे की कार्यवाही होगी।
जितेंद्र वर्मा, थाना प्रभारी, डोंगरगांव
“तुरंत एक्शन के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। दोषियों पर विभागीय कार्रवाई होगी।”
सौरभ श्रीवास्तव,सुप्रिटेंडेंट ऑफ पोस्ट
राजनांदगांव डाक संभाग , राजनांदगांव





