Thursday, February 26, 2026
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    केसीजी पुलिस ने किया हत्या की साज़िश का भंडाफोड़, सात आरोपी गिरफ्तार

    खैरागढ़–छुईखदान–गंडई। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जब पूरा प्रदेश जश्न मना रहा था, उसी दौरान खैरागढ़–छुईखदान–गंडई (KCG) पुलिस ने एक बड़ी साज़िश का पर्दाफाश किया। पुलिस ने एक गिफ्ट पैक्ड पार्सल से स्पीकर में छिपा 2 किलो आईईडी (इम्प्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद किया और इस खतरनाक षड्यंत्र में शामिल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई न केवल एक नियोजित हत्या को रोकने में सफल रही, बल्कि प्रदेश में अवैध विस्फोटक सप्लाई नेटवर्क के बड़े खुलासे का कारण भी बनी। संदिग्ध पार्सल से उजागर हुई साज़िश गंडई कस्बे के एक दुकानदार के पास इंडिया पोस्ट का लोगो लगा हुआ एक पार्सल पहुंचा। पैकेट पर मानपुर नर्मदा निवासी अफसार खान का नाम और पता लिखा हुआ था। संदिग्ध पैकिंग देखकर प्राप्तकर्ता ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने फौरन मौके पर पहुंचकर पार्सल को सुरक्षित किया और बम डिटेक्शन टीम को बुलाया। जांच के दौरान जब पैकिंग खोली गई तो उसमें एक ब्रांड न्यू स्पीकर मिला। पहली नजर में यह सामान्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लग रहा था, लेकिन तकनीकी जांच में खुलासा हुआ कि स्पीकर के अंदर बारीकी से 2 किलो का आईईडी फिट किया गया था।  विस्फोटक का खतरनाक मेकैनिज़्म बम स्क्वॉड ने बताया कि यह आईईडी तब तक निष्क्रिय था जब तक उसे बिजली के स्रोत से नहीं जोड़ा जाता। जैसे ही स्पीकर प्लग-इन होता, करंट डिटोनेटर तक पहुँच जाता और भारी विस्फोट होता। मुख्य विस्फोटक: जेलाटिन स्टिक डिटोनेटर कनेक्शन: स्पीकर की वायरिंग से जोड़ा गया घातक असर: स्पीकर का बाहरी आवरण विस्फोट के बाद छर्रों की तरह बिखर जाता, जिससे आसपास मौजूद लोग गंभीर रूप से घायल या मौत के शिकार हो सकते थे। हत्या और विस्फोटक नेटवर्क से जुड़ा मामला पुलिस की शुरुआती जांच में स्पष्ट हुआ कि यह पूरा षड्यंत्र अफसार खान की हत्या की योजना का हिस्सा था। इसके लिए आरोपियों ने ऑनलाइन ट्यूटोरियल देखकर आईईडी तैयार किया और डिलीवरी नेटवर्क का इस्तेमाल किया। जांच में यह भी सामने आया कि इस षड्यंत्र के लिए प्रयुक्त विस्फोटक दुर्ग जिले की एक पत्थर खदान से अवैध रूप से siphon किए गए थे। इस नेटवर्क में आपूर्तिकर्ता, फाइनेंसर, निर्माता और फर्जी लोगो डिजाइन करने वाले तक शामिल थे। गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ FIR क्रमांक 277/2025 थाना गंडई में दर्ज की गई है। विनय वर्मा पिता गुपेंद्र वर्मा, उम्र 20 वर्ष, निवासी कुसमी, थाना खैरागढ़, जिला KCG – आईईडी बनाने का मुख्य आरोपी परमेंश्वर वर्मा पिता जीवन वर्मा, उम्र 25 वर्ष, निवासी चीचा, थाना लिटिया, जिला दुर्ग – वित्तीय सहयोग देने वाला गोपाल वर्मा पिता महा सिंह वर्मा, उम्र 22 वर्ष, निवासी कुसमी, थाना खैरागढ़ – डिलीवरी में मददगार घासीराम वर्मा पिता लक्ष्मणलाल वर्मा, उम्र 46 वर्ष, निवासी केसला, थाना खैरागढ़ – विस्फोटक पहुँचाने वाला दिलीप धिमर पिता सुदामा धिमर, उम्र 38 वर्ष, निवासी मात्रा, थाना नंदिनी नगर अहिवारा, जिला दुर्ग – जेलाटिन सप्लायर गोपाल खेलवार पिता संतोष खेलवार, निवासी पथरिया, थाना नंदिनी नगर अहिवारा – सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा आरोपी खिलेश वर्मा पिता प्रहलाद वर्मा, उम्र 19 वर्ष, निवासी बाज़ार अतरिया, थाना खैरागढ़ – फर्जी इंडिया पोस्ट लोगो बनाने वाला बरामद सामग्री पुलिस की कार्रवाई में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई: 2 किलो आईईडी (स्पीकर में छिपा हुआ) 60 जेलाटिन स्टिक 2 डिटोनेटर फर्जी इंडिया पोस्ट लोगो और पता लिखी सामग्री पुलिस अधीक्षक का बयान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई बेहद संवेदनशील थी। यदि पार्सल को बिना जांच सीधे प्राप्तकर्ता ने खोला होता और स्पीकर चलाने की कोशिश की जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। अधिकारियों ने कहा कि यह सिर्फ हत्या की साजिश नहीं थी, बल्कि अवैध विस्फोटक आपूर्ति की बड़ी श्रृंखला का हिस्सा था। कानूनी कार्रवाई सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC), विस्फोटक अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जेल भेजा गया है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और प्रदेश में अन्य जगहों पर अवैध विस्फोटकों की सप्लाई हो रही है या नहीं। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता इस मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। प्रदेश में खदानों और विस्फोटक सामग्री की सप्लाई चेन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते इस साजिश का भंडाफोड़ न होता तो न केवल एक व्यक्ति की हत्या होती बल्कि आसपास के कई निर्दोष लोगों की जान भी जा सकती थी।

     

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