बीजापुर। गृहमंत्री विजय शर्मा ने अपने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में वह पुलिस के जवान के साथ मोटरसाइकिल पर सफर करते नजर आ रहे है। उन्होंने इस वीडियो के साथ लिखा है, ‘जहाँ रास्ते कठिन हों, वहीं जवानों का जज़्बा मंज़िल बन जाता है- बीजापुर का दूरस्थ क्षेत्र नंबी इसका साक्षी है।’ वीडियो के माध्यम से विजय शर्मा ने बताया है कि, बीजापुर जो कभी नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था, आज वह शांति है। कल तक जहां नक्सलियों के गोली की तड़तड़ाहट सुनाई देती थी, आज वहा पुलिस और सुरक्षाबलों के बूटों की धमक सुनाई देती है। इस सफर को पूरा करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा शुक्रवार को बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल में स्थित नम्बी ग्राम में 196 बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कैंप में पहुंचे। जहां उन्होंने कैंप में तैनात जवानों से मुलाकात कर उनके नक्सल अभियानों में प्रदर्शित किये गए अदम्य साहस और समर्पण की सराहना की। उन्होंने नक्सल मोर्चे पर उनकी वीरता के साथ ग्राम के विकास हेतु संवेदनशीलता पूर्वक किये गए कार्यों एवं क्षेत्र की शांति के लिए ग्रामीणों में विश्वास बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। विजय शर्मा ने जवानों के साथ बात कर उनके मनोबल को बढ़ाया तथा अभियान के दौरान आने वाली चुनौतियों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि राज्य में स्थायी शांति स्थापना एवं विकास के लिए सुरक्षा बलों के योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों ने ना केवल नक्सल हिंसा रोकने में उल्लेखनीय कार्य किया है अपितु लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास जगाने का भी कार्य कर रहे हैं। जिससे क्षेत्र में स्थाई शांति का मार्ग प्रशस्त हुआ है। शासन द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में बनी संवेदनशील पुनर्वास नीति से अब भटके युवा मुख्यधारा में लौट रहे हैं जिसमें हमारे सशस्त्र बलों का योगदान भी सराहनीय है





