रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल से आज विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मुलाकात की। डॉ. रमन सिंह रायपुर के एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां श्री शुक्ल का इलाज चल रहा है। उन्होंने उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुलाकात के दौरान डॉ. रमन सिंह ने चिकित्सकों से भी उनके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विनोद शुक्ल न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश की साहित्यिक विरासत और रचनात्मक चेतना के प्रतीक हैं। उनका साहित्य समाज को संवेदनशीलता, आत्ममंथन और मानवीय मूल्यों की दिशा में प्रेरित करता है। अस्पताल से बाहर निकलते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत में कहा, “विनोद शुक्ल हमारे प्रदेश की धरोहर हैं। मैं प्रभु श्री राम से प्रार्थना करता हूँ कि उन्हें स्वस्थ और दीर्घायु जीवन का आशीर्वाद मिले। उनका सान्निध्य और सृजन हमारे लिए अमूल्य है।” ज्ञात हो कि विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य के उन रचनाकारों में शामिल हैं। जिन्होंने अपनी रचनाओं से साधारण जीवन की असाधारण भावनाओं को गहराई से उकेरा। वे उपन्यास, कविता और कहानियों के माध्यम से ग्रामीण समाज, मानवीय रिश्तों और आत्मसंघर्ष को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में “दीवार में एक खिड़की रहती थी”, “नौकर की कमीज़”, “खिलेगा तो देखेंगे” जैसी रचनाएँ शामिल हैं, जिन्हें देशभर में व्यापक सराहना मिली। वर्ष 2023 में उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जो हिंदी साहित्य के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विनोद शुक्ल का जीवन और लेखन दोनों ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति, सादगी और संवेदनशीलता के सच्चे प्रतिबिंब हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार और समाज दोनों को ऐसे रचनाकारों की देखभाल और सम्मान में सदैव अग्रणी रहना चाहिए। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि विनोद शुक्ल की स्थिति स्थिर है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि वे धीरे-धीरे स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं और जल्द ही उन्हें छुट्टी दी जा सकती है। राज्य के साहित्यिक समुदाय, शिक्षाविदों और पाठकों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। डॉ. रमन सिंह की यह मुलाकात न केवल संवेदनशीलता का प्रतीक रही, बल्कि यह संदेश भी दिया कि राज्य अपने सृजनशील नायकों के प्रति कृतज्ञ और सजग है।





