दुर्ग। भिलाई के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित मधुर आयरन कंपनी में एक मजदूर पर भारी आयरन रॉड गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक शिव कुमार चौहान छावनी के निवासी थे और कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। घटना ने एक बार फिर प्राइवेट कंपनियों में कर्मचारियों की सुरक्षा और औद्योगिक सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि शिव कुमार चौहान रोज की तरह अपने काम में व्यस्त थे। इस दौरान आयरन रॉड को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा था। अचानक लगभग तीन क्विंटल वजन की एक रॉड उनकी तरफ गिर गई। रॉड गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बचाने में असमर्थ रहे और उनकी मौत हो गई। मृतक के परिवार ने कंपनी प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। परिवार का कहना है कि कंपनी की लापरवाही और सुरक्षा के उचित इंतजाम न होने के कारण यह घटना हुई। परिवार ने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कंपनियों को गंभीर कदम उठाना चाहिए। औद्योगिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के हादसे प्राइवेट कंपनियों में कर्मचारियों की सुरक्षा की अनदेखी का नतीजा हैं। सुरक्षा उपकरणों और नियमों का पालन न होने के कारण अक्सर ऐसे हादसे होते हैं। इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा उपायों और कर्मचारियों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण पर फिर से ध्यान आकर्षित किया है। कंपनी ने अभी तक इस मामले पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटना ने औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा नियमों की पालना, सुरक्षा चेतावनी बोर्ड, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की आवश्यकता को उजागर किया है। सेवा मजदूर संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। संगठन ने सरकार से आग्रह किया है कि औद्योगिक कंपनियों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए और कर्मचारियों के लिए सुरक्षा प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए। भिलाई के औद्योगिक क्षेत्र में इस घटना के बाद कर्मचारियों और मजदूरों में चिंता और भय का माहौल है। सभी का कहना है कि इस तरह की दुर्घटना किसी भी समय हो सकती है यदि सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं किया गया। शिव कुमार चौहान की मौत ने मजदूरों के प्रति सुरक्षा की अनदेखी और कंपनियों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा यह भी दर्शाता है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों की नियमित समीक्षा और मजदूरों को सुरक्षा उपकरणों का प्रशिक्षण अनिवार्य करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से बचा जा सके।





