Thursday, February 26, 2026
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    शव दफनाने को लेकर विवाद, धर्मांतरण के आरोप पर ग्रामीणों का विरोध

    धमतरी। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा में धर्मांतरित महिला के शव को दफनाने को लेकर हुए विवाद का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब धमतरी जिले से इसी तरह की एक और घटना सामने आई है। धमतरी जिले में एक महिला के शव को दफनाने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। विरोध करने वाले ग्रामीणों ने मृतक महिला पर धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए शव को दफनाने से रोक दिया। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौजूद है और हालात सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, धमतरी जिले के ग्राम बोराई निवासी साहू परिवार की एक महिला की 24 दिसंबर को मृत्यु हो गई थी। परिजनों द्वारा महिला के शव को गांव में ही दफनाने की तैयारी की जा रही थी। जैसे ही इस बात की जानकारी ग्रामीणों को मिली, बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और दफनाने का विरोध शुरू कर दिया।

    ग्रामीणों का आरोप था कि मृतक महिला ने धर्मांतरण कर लिया था, इसलिए गांव में शव दफनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ग्रामीणों के कड़े विरोध के चलते परिजन महिला के शव को लेकर नगरी पहुंचे। नगरी में शव दफनाने की तैयारी के दौरान वहां के स्थानीय निवासी भी मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। नगरीवासियों का कहना था कि शव दफनाने के लिए कोई अधिकृत या आवंटित जमीन नहीं है, ऐसे में दफनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने शांति बनाए रखने की अपील की और कानून व्यवस्था बिगड़ने न देने की बात कही।

    हालांकि, कुछ समय तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। फिलहाल पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में कांकेर जिले के आमाबेड़ा में धर्मांतरित महिला के शव को दफनाने को लेकर बड़ा विवाद हुआ था, जिसके विरोध में छत्तीसगढ़ सर्व समाज ने 24 दिसंबर को प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया था। आमाबेड़ा का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ है कि धमतरी में सामने आई इस घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है और कानून के दायरे में रहकर समाधान निकाला जाएगा। किसी भी स्थिति में शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मौके पर डटे हुए हैं और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास जारी है।

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