ऑनलाइन ठगी में ₹85 लाख की वापसी: पुलिस की कार्रवाई से राहत

राजनांदगांव /डोंगरगांव (दीपक अवस्थी)। ऑनलाइन निवेश के नाम पर हुई बड़ी साइबर ठगी के मामले में राजनांदगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई राशि में से ₹85,00,031 रुपये प्रार्थी को वापस दिलाने में सफलता हासिल की है। साइबर फ्रॉड के मामलों में जिले में पहली बार इतनी बड़ी रकम एक साथ वापस कराई गई है, जिसे पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, डोंगरगांव निवासी विपिन कुमार गोस्वामी (45 वर्ष) ने थाना डोंगरगांव में शिकायत दर्ज कराई थी कि “पॉलीस फाइनेंस लिमिटेड” नामक ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों ने अधिक लाभ का लालच देकर विभिन्न बैंक खातों में पैसे जमा कराए। इस दौरान उनसे कुल ₹1,14,52,000 रुपये निवेश के नाम पर जमा कराए गए, जो बाद में ठगी साबित हुई।

शिकायत के आधार पर थाना डोंगरगांव में अपराध क्रमांक 15/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(3), 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66(घ) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

397 बैंक खातों को कराया गया होल्ड

थाना डोंगरगांव और साइबर सेल राजनांदगांव की संयुक्त टीम ने मामले की तकनीकी जांच करते हुए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण किया, बैंक खातों के ट्रांजेक्शन की पड़ताल की और साइबर पोर्टल के माध्यम से करीब 397 बैंक खातों को होल्ड कराया, जिनमें ठगी की राशि ट्रांसफर की गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में मुंबई (महाराष्ट्र) भी रवाना हुई। तकनीकी विश्लेषण और लगातार प्रयासों के बाद ठगी गई राशि ₹1,03,20,000 रुपये में से ₹85,00,031 रुपये होल्ड/लीन कराकर न्यायालय के आदेश से प्रार्थी के खाते में वापस कराए गए।

इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, डीएसपी अलेक्जेंडर किरो, प्रशिक्षु आईपीएस आदित्य कुमार, निरीक्षक उपेंद्र कुमार शाह, निरीक्षक विनय पम्मार, निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर और साइबर सेल राजनांदगांव की टीम की अहम भूमिका रही।

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