बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। शहर के DFO बंगले के सामने कच्चे लोहे से भरा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना के समय मौके पर मॉर्निंग वॉक करने वाले लोग भी मौजूद थे, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, ट्रक में कच्चा लोहा लोड था और वह दल्लीराजहरा की माइंस से रायपुर की ओर जा रहा था। ट्रक में चालक सहित तीन लोग सवार थे। बालोद शहर के कॉलेज मोड़ के पास पहुंचते ही वाहन में तकनीकी खराबी आ गई। चालक सुभाष देवहारी के अनुसार ट्रक का लिफ्टर अचानक चालक ने वाहन को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन नियंत्रण नहीं हो सका। इसके बाद ट्रक कलेक्टोरेट और DFO बंगले के पास पहुंचते-पहुंचते पूरी तरह अनियंत्रित होकर नेशनल हाईवे से नीचे उतर गया और नाले में पलट गया। इस हादसे में चालक सुभाष देवहारी के साथ हेल्पर धनंजय नारंग और सूर्या चिकवा घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को खतरे से बाहर बताया है और फिलहाल तीनों की हालत सामान्य है। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। ट्रक से सड़क पर गिरे कच्चे लोहे को हटाने के लिए बाद में दूसरे वाहन की मदद ली गई और साफ-सफाई का कार्य शुरू किया गया। ड्राइवर ने बताया कि भारी वाहनों में लगे लिफ्टर सिस्टम कई बार तकनीकी खराबी के कारण वाहन का संतुलन बिगाड़ देते हैं, जिससे इस तरह के हादसे हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वाहन की अचानक खराबी के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। साथ ही सड़क पर फैले सामान को हटाकर यातायात सामान्य किया गया। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी को हादसे का कारण माना जा रहा है, लेकिन पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से भारी वाहनों की नियमित जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। यह हादसा शहर के बीचोबीच होने के बावजूद बड़ी दुर्घटना में नहीं बदला, जिससे बड़ी राहत मिली है।





