- औंधी टीआई सतीश की सूचना पर डोंगरगांव पुलिस टीम हुई सक्रिय, एसपी अंकिता शर्मा खुद लेती रहीं पल-पल की जानकारी
डोंगरगांव( दीपक अवस्थी)। औंधी क्षेत्र के नेवर गांव की रहने वाली आदिवासी युवती “नैना” परिवर्तित नाम घर से नाराज होकर निकल गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कहीं पता नहीं चलने पर इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने तत्परता दिखाई और युवती को लाल बस से सुरक्षित उतारकर अस्पताल पहुंचाया तथा इलाज के बाद परिजनों को सौंप दिया।
जानकारी के मुताबिक, औंधी थाना प्रभारी सतीश को सूचना मिली कि युवती घर छोड़कर डोंगरगांव की ओर जाने वाली लाल बस में बैठी है। इसके बाद उन्होंने तत्काल डोंगरगांव थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद रहटगांवकर को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलते ही निरीक्षक आशीर्वाद रहटगांवकर अपनी टीम के साथ सक्रिय हो गए। संयोग से एक आरक्षक उसी बस में मौजूद था। पुलिस ने युवती की फोटो व्हाट्सएप पर मंगवाई, जिसके आधार पर आरक्षक ने बस में उसकी पहचान कर ली। इसके बाद अर्जुनी के पास निरीक्षक आशीर्वाद रहटगांवकर ने अपनी टीम के साथ बस रुकवाकर युवती को सुरक्षित उतारा।
बस कंडक्टर ने पुलिस को बताया कि रास्तेभर युवती की तबीयत खराब रही और उसे लगातार उल्टियां हो रही थीं। इसके बाद पुलिस ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव पहुंचाया, जहां उसका इलाज कराया गया। महिला आरक्षक भूमिका यादव को उसकी देखभाल के लिए तैनात किया गया।
पूरे मामले की निगरानी एसपी अंकिता शर्मा करती रहीं। मामला संवेदनशील होने के कारण वे लगातार पुलिस अधिकारियों से अपडेट लेती रहीं और युवती की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश देती रहीं।
देर रात परिजन अस्पताल पहुंचे। बेटी को सुरक्षित देखकर परिजन भावुक हो गए। आवश्यक कार्रवाई के बाद पुलिस ने युवती को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।





