कुसुमकसा/अरमुरकसा – ग्राम अरमुरकसा स्थित लगभग 50 वर्ष प्राचीन श्री राम जानकी मंदिर लंबे समय से रख-रखाव के अभाव में जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गया है। मंदिर की जर्जर स्थिति को देखते हुए नगर एवं आसपास के प्रबुद्ध नागरिकों ने मंदिर का पुनः जीर्णोद्धार कर उसे मूल स्वरूप में स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में मंदिर जीर्णोद्धार को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में श्री धरमचंद जैन, श्री राजेंद्र राठी, श्री जयप्रकाश पांडे (धमतरी), श्री मनोज पांडे, श्री शेखर रेड्डी, श्री समर्थ लाखाणी, श्री प्रदीप साहू, श्री गगन, श्री प्रवीण जैन, रामजानकी सेवा समिति के अध्यक्ष श्री संतोष जैन, श्री कमलकांत साहू, ग्राम अरमुरकसा के सरपंच श्री हलधर गोरे, श्री प्रेम दयाल एवं श्री पुरुषोत्तम नायक प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य जनसहयोग एवं सामाजिक सहभागिता से प्रारंभ किया जाएगा। उपस्थित सभी नागरिकों ने मंदिर के पुनर्निर्माण एवं संरक्षण हेतु तन, मन एवं धन से सहयोग करने का संकल्प लिया। उक्त जानकारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर कार्यवाह श्री मिथलेश साहू द्वारा प्रदान की गई। एवं अपील ग्रामवासी एवं धर्मप्रेमी जनता से अनुरोध है कि इस पुनीत कार्य में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित करें।





