राजनांदगांव में शिक्षकों को दिया गया फायर सेफ्टी प्रशिक्षण, आग बुझाने और बचाव के बताए गए तरीके

राजनांदगांव : लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुई आगजनी की घटना के बाद राजनांदगांव जिला अग्निशमन विभाग ने शहर के कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई संस्थानों में अग्निशमन संसाधनों की कमी पाई गई, जबकि कुछ स्थानों पर फायर एक्सटिंग्विशर मौजूद होने के बावजूद उन्हें संचालित करने के लिए प्रशिक्षित व्यक्ति नहीं मिले। इसके बाद जिला सेनानी अरुण कुमार सिंह के निर्देश पर कोचिंग संचालकों और शिक्षकों के लिए विशेष फायर सेफ्टी प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

फायर स्टेशन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों के शिक्षक शामिल हुए। फायर स्टेशन प्रभारी इमाम बेग ने प्रतिभागियों को आपातकालीन स्थिति में फायर एक्सटिंग्विशर का सही तरीके से उपयोग करने का प्रशिक्षण दिया। साथ ही रसोई गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में सुरक्षित तरीके से आग पर काबू पाने के उपाय भी बताए गए।

प्रशिक्षण के दौरान घायल व्यक्ति को केवल दो लोगों की मदद से सुरक्षित तरीके से बाहर निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाने का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। इसके अलावा शिक्षकों को विभिन्न प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर जैसे एबीसी ड्राई पाउडर, कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), फोम, वाटर, वेट केमिकल और फायर एक्सटिंग्विशर बॉल के उपयोग और उनकी उपयोगिता की जानकारी दी गई।

फायर स्टेशन प्रभारी ने बताया कि एबीसी ड्राई पाउडर फायर एक्सटिंग्विशर लकड़ी, कागज, पेट्रोल, डीजल और बिजली से लगी आग बुझाने के लिए सबसे अधिक उपयोगी माना जाता है। प्रशिक्षण के अंत में उपस्थित शिक्षकों से आग बुझाने का लाइव डेमो भी कराया गया, ताकि आपातकालीन स्थिति में वे प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दे सकें।

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