छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय कार्यालयों, संस्थानों और विभागों में एक अगस्त से ‘प्री-पेड बिजली बिलिंग व्यवस्था’ लागू की जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत सभी विभागों को अपने अनुमानित बजट और आवश्यकता के अनुसार बिजली उपयोग करने से पहले एक निश्चित राशि एडवांस में जमा करानी होगी। राशि जमा होने के बाद ही संबंधित कार्यालय की बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से चालू रहेगी।
यदि किसी विभाग का रिचार्ज बैलेंस खत्म होने की स्थिति में पहुंचेगा, तो सिस्टम द्वारा समय रहते इसकी सूचना दी जाएगी। इस नई व्यवस्था को लागू करने का उद्देष्य सरकारी विभागों में होने वाले बिजली के अनावश्यक खर्च को रोकना और वर्षों से लंबित बिजली बिलों के भुगतान की लेट-लतीफी को समाप्त करना है।






