भाटापारा(मोहन तिवारी)प्रदेश में तेजी से बढ़ती नशे की समस्या के बीच भाटापारा स्थित नशामुक्ति केंद्र का सरकारी अनुदान बंद होने से शासन की नीतियों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ जहां नशे की लत लगातार युवाओं और किशोरों को अपनी गिरफ्त में ले रही है, वहीं दूसरी तरफ नशामुक्ति सेवाओं का दायरा सीमित होने से क्षेत्रवासियों और सामाजिक संगठनों में गहरी चिंता देखी जा रही है।
लंबे समय से सामाजिक संगठनों और नागरिकों द्वारा नशे के बढ़ते प्रभाव, बढ़ते अपराध, घरेलू हिंसा, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और युवाओं के भविष्य पर पड़ने वाले इसके बुरे प्रभावों को लेकर चिंता जताई जा रही थी। ऐसे संवेदनशील समय में नशामुक्ति केंद्र को मिलने वाली सहायता राशि पर रोक लगाए जाने से आम जनता में निराशा है।
सरकारी अनुदान बंद होने के बावजूद केंद्र प्रबंधन ने इसे बंद करने के बजाय मानवीय आधार पर सेवाएं जारी रखने काफैसला लिया है। संचालक प्रवीण बाजपेयी ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को उपचार और परामर्श से वंचित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने नशे की लत से मुक्ति पाने के इच्छुक लोगों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे जनपद कार्यालय के सामने स्थित नशामुक्ति केंद्र में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने अपना संपर्क नंबर 8827372361 भी जारी किया है।






