0 बाहरी दबंगों का खदानों पर कब्ज़ा
0 शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन, ग्रामीणों में आक्रोश
धरसींवा(विद्या भूषण वर्मा )। क्षेत्र में इन दिनों कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह बिगड़ चुकी है। नियम-कायदों को ताक पर रखकर धरसींवा की उपजाऊ जमीनों, निस्तारी तालाबों और सरकारी जमीनों को दिन-रात खोदा जा रहा है। पोकलेन मशीनों और बुलडोजर की मदद से मुरम का अवैध कारोबार बेधड़क जारी है। अवैध खनन करने वालों का तो यहाँ तक दावा है कि खनिज विभाग के अफसरों के साथ उनकी पूरी सांठगांठ है, इसलिए उन्हें कार्रवाई का जरा भी डर नहीं है।
- वर्चस्व की जंग और खूनी संघर्ष की आशंका
इस अवैध कारोबार में सबसे गंभीर मोड़ तब आया जब धरसींवा की खदानों पर बाहरी इलाके के माफियाओं ने अपना कब्ज़ा जमा लिया। बाहर से आए दबंग अब यहाँ की खदानों पर जबरन कब्जा करके अवैध खुदाई और सप्लाई पर हावी हो चुके हैं। स्थानीय ठेकेदारों का काम छिन जाने की वजह से दोनों पक्षों के बीच आए दिन विवाद, मारपीट और गाली-गलौज हो रही है। क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर गैंगवार जैसी स्थिति बन चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने समय रहते इन बाहरी माफियाओं पर नकेल नहीं कसी, तो कभी भी बड़ा खूनी संघर्ष हो सकता है।
- शिकायतों का ढेर, लेकिन अफसर बेखबर
इस पूरे खेल पर स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। जनपद पंचायत धरसींवा में ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा शिकायतों का पुलिंदा सौंपा जा चुका है, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के कारण माफिया के हौसले बुलंद हैं। जब मीडिया या आम लोग क्षेत्रीय खनिज निरीक्षक से बात करने की कोशिश करते हैं, तो वे फोन तक नहीं उठाते। ऐसा लगता है कि जिम्मेदार अफसरों ने जनहित को भूलकर माफिया के आगे घुटने टेक दिए हैं।
- दफ्तरों में बैठकर बंट रही मंजूरियां, डी एम एफ़ सदस्य बेबस
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि खनिज विभाग के अधिकारी बिना किसी जमीनी जांच के दफ्तर में बैठकर खुदाई की मंजूरियां बांट रहे हैं। जिला खनिज संस्थान न्यास के सदस्य भी खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। सदस्यों का आरोप है कि जब भी वे अवैध खनन रोकने या जांच के लिए कदम बढ़ाते हैं, तो विभाग के अफसर मदद करने के बजाय माफिया का बचाव करने लगते हैं। अधिकारियों और माफिया की इस मिलीभगत से न केवल सरकारी संपत्ति का नुकसान हो रहा है, बल्कि धरसींवा एक बड़े अपराध के मुहाने पर खड़ा हो गया है।
- कुथरेल और जजंगिरा में अनुमति की आड़ में अवैध खनन, नियमों की उड़ रही धज्जियां
बता दे कि ग्राम कुथरेल और जजंगिरा सहित धरसींवा विधानसभा के कई गांवों में इन दिनों अवैध उत्खनन का कारोबार बेधड़क जारी है। माफिया प्रशासन द्वारा स्वीकृत घन मीटर की तय सीमा को पूरी तरह दरकिनार कर कई गुना अधिक खुदाई कर रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कुथरेल और जजंगिरा में सार्वजनिक उपयोग वाले निस्तारी तालाबों और मवेशियों के चारागाहों जैसी प्रमुख सरकारी जमीनों को भी बड़ी-बड़ी मशीनों से खोदा जा रहा है। प्रशासनिक सुस्ती और अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण भू-माफिया बेखौफ होकर गांव की जमीनों का सीना छलनी करने में जुटे हैं।
जिला खनिज संस्थान न्यास के जिला सदस्य श्री विद्या भूषण वर्मा ने कहा कि अवैध खनन के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन खनिज विभाग के अधिकारी जांच करने के बजाय माफिया का बचाव करते हैं। दफ्तरों से फर्जी मंजूरियां बांटी जा रही हैं। अफसरों और दबंगों की इस मिलीभगत से क्षेत्र में कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। प्रशासन तुरंत सख्त कार्रवाई करे।






