औद्योगिक बेल्ट धरसींवा-सिलतरा में पुलिस की चाक-चौबंद घेराबंदी

  •  बिना सत्यापन किराएदार रखने वालों पर कसेगा शिकंजा

  •  पुलिस ने ली ग्राम कोटवारों की महत्वपूर्ण बैठक

धरसींवा(विधाभूषण वर्मा धरसींवा)। रायपुर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र धरसींवा और सिलतरा में बाहरी और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत करने और अपराधों की रोकथाम के लिए धरसींवा और सिलतरा थाना परिसर में कोटवारों की एक महत्वपूर्ण आपात बैठक आयोजित की गई। औद्योगिक हब होने के कारण इन इलाकों में देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में मजदूर और कामगार आते हैं। इस आवाजाही के बीच सुरक्षा में सेंध न लगे, इसके लिए पुलिस ने गांव-गांव में फैले अपने सबसे पुराने और प्रभावी नेटवर्क ‘कोटवारों’ को एक बार फिर से री-एक्टिवेट कर दिया है।

बता दे कि इस बैठक में क्षेत्र के लगभग 40 गांवों से आए कोटवारों को थाना प्रभारियों द्वारा सीधे और कड़े लहजे में निर्देश दिए गए। सिलतरा थाना प्रभारी राजेंद्र कवर ने कोटवारों को स्पष्ट किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस की ‘आंख और कान’ बनकर काम करें। गांव के चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखने, नए आने वाले मुसाफिरों, अवैध प्रवासियों और संदिग्धों का पूरा हिसाब-किताब तुरंत थाने तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अब सीधे तौर पर कोटवारों की होगी। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दरअसल, सिलतरा और धरसींवा की फैक्ट्रियों में रोजाना नए लोगों की आमद होती है। कई बार स्थानीय मकान मालिक थोड़े से पैसों के लालच में बिना किसी पहचान पत्र और पुलिस वेरिफिकेशन के किसी को भी कमरा किराए पर दे देते हैं। पूर्व में सिलतरा की ही एक फैक्ट्री से फर्जी पहचान बनाकर रह रहे बिहार के 25 हजार रुपये के इनामी भगोड़े अपराधी की गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि वेरिफिकेशन न होना कितना बड़ा खतरा साबित हो सकता है। इसी पुरानी चूक से सबक लेते हुए पुलिस प्रशासन ने अब किराएदारों के सत्यापन को अनिवार्य बनाते हुए बिना वेरिफिकेशन कमरे देने वाले मकान मालिकों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की गाज गिराने की तैयारी कर ली है। पुलिस के इस सख्त रुख और लगातार हो रही घेराबंदी से क्षेत्र के असामाजिक तत्वों और नियमों की अनदेखी करने वाले मकान मालिकों में हड़कंप का माहौल है।



औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण रायपुर ग्रामीण का यह इलाका सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील है। सिलतरा और धरसींवा में बाहरी लोगों की आवाजाही पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कोटवारों की बैठक लेकर उन्हें गांव की हर गतिविधि की पल-पल की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। बिना पुलिस वेरिफिकेशन किराएदार देने वाले मकान मालिकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में शांति बनाए रखना और अपराध रोकना हमारी प्राथमिकता है।

अभिषेक झा

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (रायपुर ग्रामीण)

 नोडल – प्रवासी भारतीय



 

 

 

 

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