बड़े बकायादारों से वसूली नहीं, जनता पर बढ़ाया बिजली का बोझ विधायक इंद्र साव 

भाटापारा (मोहन तिवारी)छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भाटापारा द्वारा स्मार्ट मीटर एवं बढ़े हुए बिजली बिल के विरोध में जन जागरण अभियान की रूपरेखा तय करने हेतु आयोजित बैठक में विधायक इंद्र साव शामिल हुए।

इंद्र साव ने अपने भाषण में बोले छत्तीसगढ़ में सरकारी दफ्तर खुद करोड़ों रुपए का बिजली बिल नहीं चुका पा रहे हैं। विधानसभा में सरकार ने बताया कि मई 2026 तक राज्य में कुल 5,853.86 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है। इसमें 3,117.49 करोड़ रुपए सिर्फ सरकारी विभागों पर हैं, जबकि 2,736.37 करोड़ रुपए निजी और अन्य उपभोक्ताओं पर बकाया हैं।

इंद्र साव ने कहा कि, बिजली कंपनी बड़े बकायादारों से पैसे नहीं वसूल पा रही है। इसकी भरपाई के लिए आम लोगों पर बिजली दरें बढ़ाई जा रही हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय निकाय, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE), स्कूल शिक्षा और गृह विभाग समेत कई सरकारी विभागों पर भारी बिजली बिल बकाया है।

1300 करोड़ बड़े बकायदारों के

कांग्रेस विधायक ने यह भी दावा किया कि, 1 लाख रुपए से ज्यादा बकाया रखने वाले प्रभावशाली उपभोक्ताओं पर करीब 1,300 करोड़ रुपए बाकी हैं। अगर सरकार इन लोगों से वसूली कर ले तो बिजली की दरें बढ़ाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

इंद्र साव ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी बकाया वसूली छोड़कर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रचार में ज्यादा व्यस्त हैं।

हाल ही में बढ़ी हैं बिजली की दरें

गौरतलब है कि 1 जुलाई 2026 से राज्य में बिजली की नई दरें लागू हुई हैं। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए औसतन 6.23 प्रतिशत बिजली दर बढ़ाने की मंजूरी दी है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक बिजली महंगी हुई है। कांगेस भवन में बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।

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