बिलासपुर (कमलकांत पाटनवार):- देश में एक जुलाई 2024 से लागू नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में बिलासपुर पुलिस ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। जिले में अपराधिक मामलों की जांच को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के लिए सभी थाना एवं चौकियों में प्रौद्योगिकी आधारित व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इसके तहत ई-साक्ष्य, ई-समन, ई-मालखाना, मेड-लीप्र, ई-फारेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला और ई-अभियोजन जैसी प्रणालियों को लागू किया गया है।जिले के 1386 अधिकारी-कर्मचारियों को ई-साक्ष्य प्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया है। पुलिस मुख्यालय के नियमित प्रशिक्षण के साथ मुख्य प्रशिक्षकों ने थाना स्तर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी कराया, जिससे सभी विवेचकों को नई व्यवस्था से जोड़ा जा सका।
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क प्रणाली (सीसीटीएनएस) के माध्यम से मालखाना की एक लाख 31 हजार 957 आनलाइन प्रविष्टियां दर्ज की गई हैं। डैशबोर्ड पर 26 हजार 607 प्रविष्टियों के जरिए थानों की गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। मेड-लीप्र पोर्टल से दो हजार 543 डाक्टरी जांच प्रतिवेदन (एमएलसी) और 179 पोस्टमार्टम प्रतिवेदन प्राप्त हुए हैं। न्यायालय निर्णय पत्रक की 16 हजार 110 आनलाइन प्रविष्टियों के साथ बिलासपुर प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। ई-साक्ष्य प्रणाली से 13 हजार 737 साक्ष्य पहचान दस्तावेज तैयार किए गए हैं तथा नौ हजार 656 एफआइआर को इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों से जोड़ा गया है। वहीं 349 प्रकरण आनलाइन फारेंसिक परीक्षण के लिए भेजे गए हैं तथा ई-अभियोजन प्रणाली में एक हजार 81 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन दोनों श्रेणियों में भी बिलासपुर को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है।डिजिटल हस्ताक्षर सुविधा के माध्यम से 311 ई-एफआइआर और 348 ई-आरोप पत्र सहित कुल 662 प्रकरण पोर्टल पर दर्ज किए गए हैं, जिसके लिए जिले को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। सभी थानों को ई-पेन उपलब्ध कराए गए हैं। ई-समन प्रणाली के जरिए 537 समन, 468 वारंट और 421 नोटिस आनलाइन जारी किए गए हैं। वहीं वीसीएनबी प्रणाली के माध्यम से 842 वाहनों की जांच और सात हजार अपराधियों का सत्यापन किया गया है।
जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में नवीन आपराधिक कानूनों को लेकर जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को नए कानूनी प्रावधानों, उनके अधिकारों, पुलिस की जवाबदेही, आनलाइन प्रक्रियाओं और त्वरित न्याय व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है।
एक हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को मिला प्रशिक्षण
नवीन आपराधिक कानूनों के तहत जिले के एक हजार 386 अधिकारी और कर्मचारियों को ई-साक्ष्य प्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा नियमित आनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जबकि मुख्य प्रशिक्षकों ने प्रत्येक थाना स्तर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर सभी विवेचकों को नई व्यवस्था से जोड़ा। इससे विवेचना में पारदर्शिता, जवाबदेही और गति बढ़ी है। जिले के सभी थानों में आधुनिक तकनीक आधारित प्रणाली का संचालन शुरू हो चुका है।
प्रदेश में दूसरे स्थान पर बिलासपुर
बिलासपुर पुलिस ने कई डिजिटल व्यवस्थाओं में प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। ई-साक्ष्य प्रणाली से 13 हजार 737 साक्ष्य पहचान दस्तावेज तैयार किए गए और नौ हजार 656 एफआइआर को इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों से जोड़ा गया। 349 प्रकरण आनलाइन फारेंसिक जांच के लिए भेजे गए तथा एक हजार 81 मामलों की ई-अभियोजन प्रणाली में प्रविष्टि की गई। न्यायालय निर्णय पत्रक की 16 हजार 110 आनलाइन प्रविष्टियों में भी जिला दूसरे स्थान पर रहा।
समन, वारंट और नोटिस भी आनलाइन
डिजिटल हस्ताक्षर सुविधा के तहत 311 ई-एफआइआर और 348 ई-आरोप पत्र सहित 662 प्रकरण पोर्टल पर दर्ज किए गए हैं। सभी थानों को ई-पेन उपलब्ध कराए गए हैं। ई-समन प्रणाली के जरिए 537 समन, 468 वारंट और 421 नोटिस जारी किए गए। वहीं वीसीएनबी प्रणाली से 842 वाहनों की जांच और सात हजार अपराधियों का सत्यापन कर पुलिस ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाया।
लोगों को नए कानूनों की दी जा रही जानकारी
पुलिस की ओर से जिलेभर में जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। थाना और चौकी स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में नागरिकों को नए आपराधिक कानूनों, उनके अधिकारों, पुलिस की जवाबदेही, ऑनलाइन सेवाओं और न्याय प्राप्ति की नई प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। अभियान का उद्देश्य लोगों को कानून के प्रति जागरूक बनाना और पुलिस व्यवस्था में उनका विश्वास मजबूत करना है।






