घरेलू हिंसा पर सामने आकर करें विरोध, बालिकाएं भी अपराध पर न रहें चुप: रतनपुर पुलिस की अनोखी पहल

बिलासपुर/रतनपुर (कमलकांत पाटनवार): सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने और ग्रामीणों को अपराधों के प्रति जागरूक करने रतनपुर पुलिस ने ग्राम कर्रा में बहुउद्देशीय चेतना कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों, महिलाओं और युवाओं को विभिन्न प्रकार के अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए जागरूक रहने का संदेश दिया।

रतनपुर टीआइ निलेश पांडेय ने बताया कि ग्राम कर्रा स्थित शासकीय स्कूल आयोजित कार्यक्रम में बालकों से संबंधित अपराध, बाल शोषण, बाल विवाह, लापता बच्चों की रोकथाम तथा पाक्सो एक्ट के प्रविधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। छात्र-छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बारे में समझाते हुए बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति अनुचित व्यवहार करता है तो बिना डर के अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को इसकी जानकारी दें।

महिलाओं को छेड़छाड़, दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध और उनसे बचाव के उपाय बताए गए। साथ ही महिला हेल्पलाइन 181 और 1090 की उपयोगिता की जानकारी देकर आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता लेने की अपील की गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराधों के खिलाफ जागरूकता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है। कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों पर भी विशेष चर्चा की गई। युवाओं को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान से अवगत कराते हुए नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प दिलाया गया। अंत में पुलिस ने ग्रामीणों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की तथा बच्चों को निर्भीक होकर अपनी बात रखने और किसी भी गलत हरकत के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने का संदेश दिया।

गुड टच-बैड टच की दी जानकारी

पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को गुड टच और बैड टच की जानकारी देकर आत्मरक्षा के प्रति जागरूक किया। बच्चों को बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें असहज महसूस कराए या अनुचित तरीके से छुए तो चुप न रहें। ऐसी स्थिति में तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को जानकारी दें। बच्चों को बोल्ड होकर बोलो का संदेश देते हुए समझाया गया कि समय पर शिकायत करने से अपराध रोके जा सकते हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

महिलाओं को हेल्पलाइन और साइबर सुरक्षा की जानकारी

कार्यक्रम में महिलाओं को छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए गए। पुलिस अधिकारियों ने महिला हेल्पलाइन 181 और 1090 के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में इन सेवाओं का तुरंत उपयोग करें। इंटरनेट मीडिया पर सतर्क रहने, अनजान लोगों से निजी जानकारी साझा नहीं करने और आनलाइन ठगी से बचने के लिए भी महिलाओं और युवतियों को जागरूक किया गया।

नशामुक्त समाज बनाने का दिलाया संकल्प

पुलिस ने युवाओं और ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। बताया गया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। अधिकारियों ने युवाओं से नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने और नशामुक्त समाज बनाने में सहयोग देने की अपील की। साथ ही ग्रामीणों से कहा गया कि गांव में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध नशे के कारोबार की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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