राहगीर भटक रहे इधर-उधर, उदघाटन के लिए मंत्री-नेता के आने का मुहूर्त नहीं मिल रहा
मुंगेली, संदीप यादव
दाऊपारा में बना सुलभ शौचालय पूरी तरह तैयार होकर दुलहन की तरह सजा हुआ है, लेकिन उसका फीता काटने के लिए किसी मंत्री या नेता का इंतजार हो रहा है। नतीजा – आम जनता और यात्री प्रसाधन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
बन गया, पर बंद है
सुलभ शौचालय का निर्माण पूरा हो चुका है। अंदर-बाहर टाइल्स, पानी, लाइट सब लगा हुआ है। लेकिन प्रशासन ने इसे अभी तक आम लोगों के लिए नहीं खोला है। कारण बताया जा रहा है कि “किसी बड़े नेता से उद्घाटन करवाना है”।
पहले भी बनी थी, अब फिर बनी
स्थानीय लोगों ने बताया कि पूर्व में भी यहां शौचालय बनी थी, लेकिन रख-रखाव के अभाव में वह जर्जर हो गई। उसे तोड़कर नई सुलभ शौचालय बनाई गई। अब नई नवेली शौचालय को भी अच्छे मुहूर्त और वीआईपी के इंतजार में बंद रख दी गई है।
दाऊपारा में नहीं कोई विकल्प
दाऊपारा जैसे व्यस्त क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय की सबसे ज्यादा जरूरत है। लेकिन सुलभ बंद होने के कारण महिलाएं, बच्चे और यात्री खुले में या इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।
सवाल – जनता की सुविधा या फोटो सेशन?
लोगों का कहना है कि क्या शौचालय जनता के लिए बना है या सिर्फ उद्घाटन की फोटो खिंचवाने के लिए? प्रशासन से मांग है कि उद्घाटन का इंतजार छोड़कर इसे तत्काल शुरू किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
आखिर कब खुलेगा दाऊपारा का ये सुलभ शौचालय? जवाब का इंतजार जनता कर रही है।
अब देखना होगा इसका जल्द उद्घाटन होता है या फिर पुराने सुलभ शौचालय जैसे ही ये भी सड़ जाएगा ??






