बिलासपुरः बिलासपुर रतनपुर-केंदा एनएच-45 पर पिछले 48 घंटे से लगे भीषण जाम ने हाईवे की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। मझवानी साईं मंदिर के पास तलगड़ही नाला पुल पर पेंड्रा-बिलासपुर मार्ग पूरी तरह ठप हो चुका है, जिससे रतनपुर से मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले मार्गों पर करीब 2 किलोमीटर लंबी कतार में सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। राहत के लिए बनाया गया वैकल्पिक रास्ता भी भारी वाहन के फंसने से जवाब दे गया, जिससे हालात और ज्यादा बेकाबू हो गए हैं
एनएच-5 आरएमकेके सड़क पर मंझवानी के पास बने पुल पर पिचिंग का कार्य चल रहा हैं, लोगो को परेशानी न हो इसके लिए ठेकेदार ने पुल के नीचे से बाइपास सड़क बनाई है। यह बाईपास लगातार बारिश की वजह से दलदली भूमि बन चुकी है, जिसमें दो दिन से सड़क पर फंसे राहगीर, वाहन चालक और लंबी दूरी के यात्री भारी परेशानी झेल रहे हैं, और अब हर किसी के मन में यही सवाल उठ रहा है कि आखिर इस समस्या पर जिम्मेदारों की नींद कब खुलेगी और रास्ता कब बहाल होगा।स्थानिय लोगो की माने तो टोल बचाने व शार्टकट के चक्कर में पेंड्रा होते हुए अधिकांश कोयले से भरे भारी वाहन लगातार इसी नेशनल हाईवे का रुख कर रहे हैं। निर्माणाधीन एनएच-45 पर लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव ने पूरी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मझवानी स्थित तलगड़ही नाले पर पुल का निर्माण कार्य तो पूरा हो चुका है, लेकिन पिचिंग का काम शेष होने के कारण ठेकेदार ने उस पर मिट्टी पाट दी है।
लगातार बारिश और भारी वजन के कारण वह जमीन पूरी तरह दलदली हो चुकी है, जिससे आ रहे भारी वाहन धंस रहे हैं। हालांकि ठेकेदार द्वारा ब्रिज के नीचे से एक वैकल्पिक मार्ग भी तैयार किया गया था, लेकिन मिट्टी और बजरी से बनी वह अस्थायी सड़क भी भारी वाहनों का भारी वजन नहीं झेल पाई। मौके पर मौजूद लोगों की मानें तो निर्माण कार्य में लगी मशीनें और वाहन नए निर्माण की बजाय मुख्य रूप से फंसी हुई गाड़ियों को ही खींचकर निकालने में जुटे हुए हैं।
दो दिन से सड़क पर इंतजार, राहगीर परेशान
जाम में फंसे चालकों का कहना है कि पिछले 48 घंटों से स्थिति जस की तस बनी हुई है। एक वाहन किसी तरह निकलता है तो उसे देख दूसरा वाहन आगे बढ़ने का प्रयास करता है और फंस जाता है। निर्माणाधीन मार्ग पर लगातार गाड़ियों का दबाव बढ़ता ही जा रहा है। लोगों का सवाल है कि जब दो दिन से लगातार मार्ग पूरी तरह प्रभावित है, तो यातायात को सुचारu रूप से संचालित कराने के लिए मौके पर कोई ठोस और प्रशासनिक व्यवस्था क्यों नहीं बनाई जा रही है।
वैकल्पिक रास्ता पर दबाव से स्थिति बिगड़ी
मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित होने के बाद ठेकेदार ने राहत के लिए नीचे से वैकल्पिक मार्ग बनाया था। लेकिन भारी वाहनों के दबाव और मार्ग की क्षमता का सही आकलन न किए जाने के कारण वहां भी भारी वाहन बीच रास्ते में ही फंस गया। इसके चलते वह वैकल्पिक रास्ता भी पूरी तरह बंद हो गया और दोनों तरफ से आवाजाही ठप हो गई।
एमपी-यूपी जाने वाले वाहन भी फंसे
आरएमकेके की यह सड़क रतनपुर को सीधे मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्यों से जोड़ता है। इस वजह से यहां स्थानीय ट्रैफिक के साथ-साथ लंबी दूरी के यात्री वाहन और भारी भरकम मालवाहक ट्रक फंसे हुए हैं। दो दिनों से जाम की स्थिति हो रही हैं, पुलिस के जवान व्यवस्था बनाते है, छोटी वाहनों को गुजारते है इस दौरान भारी वाहन फिर से चली जाती है फंस जाती है।
एमरजेंसी वाहन न फंसे बना नया बाइपास
करीब 2 किलोमीटर लंबी गाड़ियों की कतार और दो दिन से ठप पड़े इस हाईवे पर अपातकालिन वाहन को गुजरने नया बाइपास बनाया गया है। रतनपुर कंचनपुर मार्ग से कोटा बिल्ली बंद वाले रास्ते से वाहनों को बस व अन्य वाहन को गुजारा जा रहा है। लेकिन भारी वाहन एनएच-45 पर ही फंसे हुए है।
वर्जन..
भारी वाहनों का दबाव बढ़ने से सड़क की हालत बहुत ही खराब हो गई है। ब्रिज का निर्माण तो हो चुका है लेकिन पिचिंग न होने से पुल बंद है। साइड से जो बाइपास बनाया गया है उस पर भारी वाहन जाते ही मिट्टी पर दबाव पड़ने पर वह फंस रहा है। हमारी टीम लगातार लोगों की सहायता कर वाहन निकलवाने में मदद कर रही है।
बीएन बनाफर, बेलगहना चौकी प्रभारी








