प्रदुमन सिंह,कोरिया। वाटरशेड ऑर्गनाइजेशन ट्रस्ट एवं एचडीएफसी परिवर्तन, एफडीपी परियोजना के अंतर्गत उद्यान विकास विभाग घूघरा के साथ संयुक्त अभिसरण तथा ग्राम सरपंच श्रीमति रूपवती सोनपाकर जी एवं सामुदायिक तालाब जल उपयोगकर्ता समुह के अध्यक्ष श्री बसंत राजवाड़े मार्गदर्शन एवं सहयोग से विकास खंड सोनहत के ग्राम कैलाशपुर में 24 किसानो के सम्मिलित पैच जिसमे वर्षा जल संरक्षण, भूमिगत जल स्तर को बढाने एवं आस पास के 32 एकड़ डांड जमीन को खेती योग्य पानी की उपलब्धता के लिए सामुदायिक तालाब निर्माण का कार्य किया गया है इसी तालाब के मेड़ में फलदार पौधो जिसमे मुनगा, जामुन , आम, आंवला , अमरूद का रोपण किया गया साथ ही पेड़ लगाने से मिट्टी के कटाव को रोकने और पर्यावरण की रक्षा के महत्व के बारे में बताया गया, कहा गया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें उचित देखभाल के साथ पोषित किया जाना चाहिए। पूरे मेड पर में 150 से अधिक पौधे लगाए गए।सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए”फोकस्ड डेवलपमेंट प्रोग्राम किसानों व महिलाओं को नवाचार आधारित उद्यमों को संचालित करने के लिए आवश्यक ढांचा व संगठनात्मक व्यवस्था भी बना रहा है।यह पहल कृषि प्रबंधन में मदद करने के साथ-साथ किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत भी प्रदान करती है, जो सततता और ग्रामीण आजीविका दोनों के लिए लाभकारी है। ये परिवर्तनकारी परियोजनाएँ एचडीएफसी बैंक के सीएसआर कार्यक्रम “एचडीएफ परिवर्तन” द्वारा वित्त पोषित हैं, किसानों की क्षमता निर्माण और इन पहलों में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु कई कार्यशालाएँ आयोजित की जाती है, ऐसे प्रयासों के माध्यम से, लंबे समय से संस्थान पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक स्थिरता को बढ़ावा दे रहा है, जिससे सभी के लिए एक अधिक लचीला भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।”
कार्यक्रम में वाटर संस्था से राम सिंह, सुरेश यादव, सुधान, विजय राजवाड़े, राजेंद्र, अंजू कुमार, शारदा प्रसाद, उमाशंकर, सुभद्र ग्राम सरपंच, जल समिति के सदस्य, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।








