सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले से दुखद खबर सामने आई है। यहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक उपनिरीक्षक ने कथित तौर पर अपने सर्विस हथियार से खुद को गोली मार ली। इस घटना के बाद सीआरपीएफ कैंप में हड़कंप मच गया। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल उपनिरीक्षक को साथी जवानों और अधिकारियों ने तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान सीआरपीएफ की 131वीं वाहिनी में पदस्थ उपनिरीक्षक देवानंद यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, घटना सुकमा जिले के मेट्टागुड़म स्थित सीआरपीएफ कैंप की है। यहां 131वीं वाहिनी में तैनात उपनिरीक्षक देवानंद यादव ने अपने सर्विस हथियार से खुद को गोली मार ली। गोली चलने की घटना के बाद कैंप में मौजूद जवानों और अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली। साथी जवानों ने तत्काल घायल अधिकारी को उपचार के लिए पहुंचाने की व्यवस्था की। सुकमा पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, घटना 13 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे से 12:30 बजे के बीच हुई। मेट्टागुड़म कैंप में पदस्थ उपनिरीक्षक देवानंद यादव, पिता रामानंद यादव, ने अज्ञात कारणों से स्वयं को सर्विस हथियार से गोली मार ली। घटना की जानकारी मिलते ही कैंप में मौजूद अधिकारियों और जवानों ने उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया। घायल उपनिरीक्षक को फील्ड एंबुलेंस की सहायता से इल्मागुड़ा कैंप पहुंचाया गया। यहां उनका उपचार शुरू किया गया, लेकिन गंभीर चोट के कारण इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से सीआरपीएफ कैंप में शोक का माहौल है। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की है। मृतक अधिकारी के शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया के साथ पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम भेजने की व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल उपनिरीक्षक देवानंद यादव द्वारा आत्महत्या जैसा कदम उठाने के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किन परिस्थितियों में उन्होंने अपने सर्विस हथियार से खुद को गोली मारी। जांच में घटना से जुड़े सभी आवश्यक पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।






