बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के लालपुर गांव में श्मशान घाट का रास्ता अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया है। नतीजा ग्रामीणों को शव को कंधों पर उठाकर खेतों के बीच से करीब एक किलोमीटर तक ले जाना पड़ रहा। सवाल यह है कि आखिर कब खुलेगा श्मशान तक जाने का रास्ता और कब खत्म होगी ग्रामीणों की यह मजबूरी?
जिले के अंतिम छोर पर बसे करही बाजार चौकी क्षेत्र के ग्राम लालपुर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की हकीकत और विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव में श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता कथित अतिक्रमण की चपेट में है, जिसके कारण ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए शव को खेतों के बीच से ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।जानकारी के अनुसार ग्राम लालपुर निवासी बृहस्पति यादव का गुरुवार को निधन हो गया। परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर श्मशान घाट की ओर निकले, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मजबूरी में ग्रामीणों ने करीब एक किलोमीटर तक खेतों के रास्ते शव को कंधों पर उठाकर नदी किनारे स्थित श्मशान घाट तक पहुंचाया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की अतिक्रमण हटाने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते पर लंबे समय से अतिक्रमण है। इस संबंध में कई बार प्रशासन को शिकायत और आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। यही वजह है कि गांव में हर बार किसी की मृत्यु होने पर अंतिम यात्रा खेतों के बीच से निकालनी पड़ती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने और स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी परिवार को अपने परिजन की अंतिम विदाई के समय ऐसी पीड़ा और परेशानी का सामना न करना पड़े। सरपंच ने बताया – श्मशान घाट जाने वाले मार्ग पर रसूखदार का है कब्जा
वाकई काफी कठिन था और खेतों के बीच से होते हुए श्मशान घाट तक पहुंचे और लोगों से बातचीत की। ग्राम के सरपंच रवि यादव ने बताया कि यह स्थिति ब1996 से निर्मित है। गांव के ही रसूखदार विष्णु यादव ने गांव से श्मशान घाट जाने वाले मार्ग पर कब्जा कर लिया है। इसे लेकर जब बलौदाबाजार जिला नहीं बना था तब रायपुर कलेक्टर ने दिए गए पट्टे को निरस्त करने आदेश दिया था पर परिपालन नहीं हुआ। वहीं न्यायालय ने भी श्मशान घाट जाने वाले रास्ते को अतिक्रमण से मुक्त कराने आदेश जारी किया पर नहीं हुआ।
विधायक से लेकर राष्ट्रपति तक आवेदन दिया पर कुछ नहीं हुआ सरपंच ने बताया कि उन्होंने विधायक, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को भी आवेदन दिया है पर आज तक प्रशासन ने सुध नहीं ली है, जिसकी वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरपंच ने यह भी बताया कि रसुखदार व्यक्ति विष्णु यादव ने अपने पूरे परिवार के नाम से दो-दो एकड़ जमीन लगभग 24 एकड़ शासकीय जमीन पर कब्जा कर रखा है। शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अब सवाल उठता है कि पारदर्शी सरकार की दुहाई देने वाले विधायक मंत्री और प्रशासन आखिर क्यों इस समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं।






