अमित जोगी पर FIR और घर पर नोटिस चस्पा: सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को सुरक्षित बताया, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

रायपुर।छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी के खिलाफ रायपुर के सिविल लाइंस थाने में गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह कानूनी कार्रवाई उनके द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक विवादित राजनीतिक व्यंग्य वीडियो के बाद हुई है। भाजपा नेताओं की शिकायत पर दर्ज हुई इस प्राथमिकी के बाद पुलिस ने कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए अमित जोगी के बिलासपुर स्थित निवास पर एक नोटिस चस्पा कर दिया है। इस कदम के बाद से ही राज्य की सियासत और पुलिसिया कार्रवाई को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।

अमित जोगी ने खुद को भगोड़ा बताए जाने पर जताई कड़ी आपत्ति

घर पर नोटिस चस्पा होने और खुद को मीडिया व पुलिस हलकों में ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर अमित जोगी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने गुजरात से एक वीडियो संदेश जारी कर इन दावों को पूरी तरह खारिज किया। जोगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी तरह से कानून से भाग नहीं रहे हैं और न ही छिपे हुए हैं। वे वर्तमान में गुजरात पुलिस की कड़ी सुरक्षा और प्रोटोकॉल के घेरे में हैं। वे अपने मित्रों के आमंत्रण पर 2 से 8 नवंबर तक के एक पूर्व-निर्धारित दौरे पर गुजरात आए हुए हैं, जिसकी जानकारी सभी संबंधित विभागों को है।

पुलिस अधिकारियों को पहले ही दे दी गई थी दौरे की लिखित सूचना

अमित जोगी ने पुलिस की थ्योरी को चुनौती देते हुए दावा किया कि उनका यह दौरा पूरी तरह से आधिकारिक और सार्वजनिक था। उनके कार्यालय द्वारा 30 अक्टूबर को ही छत्तीसगढ़ और गुजरात के पुलिस महानिरीक्षकों (आईजी) समेत अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित में इस पूरे कार्यक्रम की जानकारी दे दी गई थी। जब दोनों राज्यों की पुलिस को उनके पल-पल के मूवमेंट और ठहरने के स्थान की पहले से जानकारी थी, तो उन्हें भगोड़ा साबित करने की कोशिश करना पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है।

घर पर नोटिस चस्पा करने और परिवार को अपमानित करने का लगाया आरोप

वीडियो में अमित जोगी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब पुलिस के पास उनका मोबाइल नंबर है और उनसे व्यक्तिगत रूप से कभी भी संपर्क किया जा सकता था, तो ऐसा न करके जानबूझकर उनके घर पर तामीली की गई। जोगी ने आरोप लगाया कि उनके सूने मकान पर जाकर जबरन नोटिस चस्पा किया गया और इस पूरी प्रक्रिया के दौरान घर में मौजूद उनकी बुजुर्ग मां और पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित तथा अपमानित करने का प्रयास किया गया, जो कि बेहद निंदनीय है।

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