बलौदाबाजार। बस स्टैंड में सवारी बैठाने को लेकर ऑटो चालकों और बस चालक-संचालकों के बीच शुरू हुआ विवाद गुरुवार को प्रशासन की पहल के बाद समाप्त हो गया। ऑटो के लिए अलग स्टैंड निर्धारित करने और मारपीट की घटना में उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद बस ऑपरेटरों ने हड़ताल समाप्त कर दी। करीब 28 घंटे तक बसों का परिचालन बंद रहने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गुरुवार दोपहर से बसों का संचालन फिर शुरू हो गया।
विवाद की शुरुआत बुधवार को सवारी बैठाने को लेकर हुई थी। इसी दौरान कथित तौर पर एक ऑटो चालक ने बस ड्राइवर के सिर पर हमला कर दिया। हमले में ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे खून से लथपथ हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रायपुर रेफर किया गया। घटना के बाद बस चालक और संचालक आक्रोशित हो गए और उन्होंने बसों का संचालन बंद कर दिया।
120 से अधिक बसों के पहिए थमे, यात्री परेशान
हड़ताल के कारण बलौदाबाजार से रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, जांजगीर और सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों पर यात्री बसों का परिचालन प्रभावित रहा। बसें बंद होने से यात्रियों को दूसरे वाहनों का सहारा लेना पड़ा। कई यात्रियों को अधिक किराया चुकाकर सफर करना पड़ा, जबकि कुछ लोगों ने अपनी यात्रा ही टाल दी।
बस संचालकों के अनुसार, जिले से प्रतिदिन 120 से अधिक यात्री बसें विभिन्न मार्गों पर संचालित होती हैं। हड़ताल के चलते यात्रियों को परेशानी हुई, वहीं बस संचालकों के कारोबार पर भी असर पड़ा।
प्रशासन की समझाइश के बाद बनी सहमति
यात्रियों की परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप किया। गुरुवार को तहसीलदार निवेश कोरेटी, कोतवाली थाना प्रभारी लखेश केंवट और परिवहन अधिकारी मोहन साहू बस स्टैंड पहुंचे। अधिकारियों ने बस चालकों, संचालकों और व्यापारियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं।
कई दौर की बातचीत के बाद प्रशासन ने ऑटो वाहनों के लिए अलग स्थान निर्धारित करने और मारपीट की घटना में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद बस चालक-संचालक काम पर लौटने के लिए तैयार हुए और बसों का परिचालन दोबारा शुरू हो गया।
अलग स्टैंड नहीं होने से आए दिन विवाद
बस स्टैंड में बसों और ऑटो वाहनों के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित नहीं होने से अक्सर अव्यवस्था की स्थिति बनती है। सवारी बैठाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की आशंका बनी रहती है। बस स्टैंड के व्यापारियों ने भी बस चालकों की मांग का समर्थन किया। उनका कहना था कि ऑटो वाहनों के लिए अलग स्थान निर्धारित होने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और विवादों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
फिलहाल बसों का परिचालन शुरू होने से यात्रियों को राहत मिली है। हालांकि, बस चालक-संचालकों की नजर अब प्रशासन के अगले कदम पर है। उनका कहना है कि बसों और ऑटो वाहनों के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित होने से यातायात व्यवस्था सुचारु होगी और भविष्य में सवारी बैठाने को लेकर होने वाले विवादों को रोकने में मदद मिलेगी।








