- सबसे ज्यादा गंदगी शराब के डिस्पोजल से, उस पर रोक कब?
मुंगेली। रिपोर्टर संदीप यादव।नगर पालिका एक तरफ सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ 12 किलो सामग्री जप्त कर 11 हजार का जुर्माना वसूल रही है। वहीं दूसरी तरफ शासन के ही ठेकों पर शराब प्लास्टिक की बोतलों में बेची जा रही है।

शहर में पर्यावरण संरक्षण के नाम पर दुकानदारों पर कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन सबसे बड़ी गंदगी का कारण बन रहे शराब के प्लास्टिक डिस्पोजल और बोतलों पर कोई रोक नहीं है। रोजाना शराब पीने के बाद सड़क, नाली और सार्वजनिक स्थानों पर फेंके जाने वाले प्लास्टिक गिलास, पाउच और बोतलें सबसे ज्यादा कचरा फैला रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “छोटे दुकानदार से 12 किलो प्लास्टिक जप्त कर वाहवाही लूटी जा रही है, लेकिन सरकार खुद करोड़ों लीटर शराब प्लास्टिक बोतल में बेच रही है। सबसे ज्यादा पर्यावरण को नुकसान उसी से हो रहा है।”
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि जब सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह प्रतिबंधित है तो फिर शराब की बिक्री प्लास्टिक बोतल में क्यों हो रही है? शराब के साथ मिलने वाले डिस्पोजल गिलास और पाउच पर प्रतिबंध कब लगेगा?
नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि प्लास्टिक बैन को सिर्फ आम दुकानदारों तक सीमित न रखा जाए। शराब बिक्री में भी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, वरना पर्यावरण संरक्षण का अभियान सिर्फ दिखावा बनकर रह जाएगा।






