गांजा तस्कर को 10 साल की सजा, एक लाख रुपए जुर्माना

कसडोल,पुलिस की ठोस विवेचना और प्रभावी पैरवी के बाद गांजा तस्कर को 10 वर्ष का सश्रम कारावास मिला। एक लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। बलौदाबाजार थाना गिधौरी पुलिस की कार्रवाई और कोर्ट में पेश अकाट्य साक्ष्यों के आधार पर सजा हुई।

विशेष न्यायालय एनडीपीएस एक्ट बलौदाबाजार की पीठासीन अधिकारी संगीता नवीन तिवारी ने 8 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया। दोषी कृष्णेन्द्र उर्फ कन्हैया त्रिपाठी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ii)(C) के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,00,000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

मामला 21 जनवरी 2024 का है। गिधौरी पुलिस को सूचना मिली थी कि चार पहिया वर्ना कार एमपी 19 सीए 9503 में बड़ी मात्रा में अवैध गांजा भरकर भटगांव की ओर से गिधौरी होते हुए कसडोल की ओर ले जाया जा रहा है। पुलिस टीम ने नवीन अमलीडीह रोड के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर चालक कार को तेजी से भगाया। पत्थर के ढेर के पास वाहन खड़ा किया। अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। तलाशी में कार की डिग्गी से 53 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।

पुलिस ने लगातार पतासाजी की। वाहन स्वामी की जानकारी जुटाई। कड़ाई से जांच की। इसके बाद कृष्णेन्द्र उर्फ कन्हैया त्रिपाठी को गिरफ्तार किया गया। गिधौरी पुलिस ने साक्ष्य संकलन किया। सूक्ष्म विवेचना की। चालान न्यायालय में पेश किया।

अतिरिक्त लोक अभियोजक संतोष कुमार कन्नौजे ने प्रभावी पैरवी की। विवेचना सहायक उपनिरीक्षक प्रकाश जांगड़े और नेहरू राम साहू ने की। न्यायालय ने माना कि जब्त गांजा वाणिज्यिक मात्रा 20 किग्रा से दोगुने से भी अधिक 53.100 किग्रा था। उभयपक्ष के तर्क सुने गए। पुलिस के ठोस और तकनीकी साक्ष्य सही पाए गए। आरोपी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष सश्रम कारावास और 1 लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

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