रायपुर:राज्य शासन ने शासकीय कार्यालयों में वर्षों से जमे गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के संलग्नीकरण (अटैचमेंट) को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। जारी आदेश के तहत संलग्नीकरण से मुक्त हुए सभी कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर अपनी मूल पदस्थापना वाली संस्था में कार्यभार ग्रहण करना होगा। इसके साथ ही उन्हें ऑनलाइन ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया गया है।समय-सीमा बीतने पर होगी कड़ी कार्रवाईविभाग ने आदेश का पालन न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित एक सप्ताह की समय-सीमा के बाद जॉइन करने वाले कर्मचारियों पर कड़ी नजर रखी जाए। समय-सीमा खत्म होने के बाद से लेकर वास्तविक कार्यभार ग्रहण करने तक की पूरी अवधि को ‘सेवा हरण’ (Break in Service) माना जाएगा।संचालनालय को भेजा जाएगा प्रस्तावशासन ने स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी तय समय पर अपनी मूल संस्था में उपस्थित नहीं होंगे, उनके सेवा हरण का प्रस्ताव तैयार कर सीधे संचालनालय को भेजा जाएगा। ‘सेवा हरण’ होने से संबंधित कर्मचारियों को न केवल उस अवधि का वेतन गंवाना पड़ेगा, बल्कि उनकी वरिष्ठता और भविष्य में मिलने वाले पेंशन व क्रमोन्नति जैसे शासकीय लाभों पर भी बेहद गंभीर असर पड़ेगा। इस आदेश के बाद से संलग्नीकरण पर चल रहे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के संलग्नीकरण समाप्त, एक सप्ताह में मूल संस्था में जॉइन न करने पर टूटेगी सेवा (Break in Service)






