छत्तीसगढ़ी लोक संगीत में अपनी पहचान बना रहे मुंगेली के युवा कलाकार सूर्या साहू, यूट्यूब पर भी गूंज रही है उनकी आवाज

संदीप यादव मुंगेली। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पारंपरिक गीत-संगीत को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से वरिष्ठ लोक कलाकार राकेश तिवारी द्वारा संचालित विशेष कार्यक्रम ‘गाबो बजाबो गोठियाबो’ में मुंगेली के उभरते युवा गायक सूर्या साहू ने अपनी प्रस्तुति दी। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ी लोककला और लोक कलाकारों को मंच देने के लिए शुरू किया गया है।

इस मंच के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभावान कलाकारों को अपनी कला दिखाने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। मुंगेली नगर के युवा कलाकार सूर्या साहू ने अपनी मधुर आवाज और लोकगीतों की प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया है। वे लंबे समय से छत्तीसगढ़ी लोकगीतों के प्रति समर्पित हैं और माटी की खुशबू को अपनी गायकी में पिरोने का काम कर रहे हैं।

सूर्या साहू की गायकी में छत्तीसगढ़ के लोकजीवन, यहां की परंपरा और जनभावनाओं की झलक साफ तौर पर दिखाई देती है। वे न केवल पारंपरिक गीत गाते हैं, बल्कि अपनी शैली में उन्हें नया रंग देने का प्रयास भी करते हैं। मुंगेली जिले की सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने में ऐसे युवा कलाकारों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नए कलाकारों को मिल रहा है बड़ा मंच

वरिष्ठ कलाकार राकेश तिवारी की यह पहल ‘गाबो बजाबो गोठियाबो’ उभरते कलाकारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस कार्यक्रम में कलाकारों के गीतों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाती है और बाद में उसे यूट्यूब पर प्रसारित किया जाता है, जिससे उनकी कला गांव से लेकर शहर और देश-विदेश तक पहुंच रही है।

आज के डिजिटल दौर में यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म लोक कलाकारों के लिए बड़ा सहारा बन गए हैं। ऐसे आयोजनों से नवोदित कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने और दर्शकों से जुड़ने का मौका मिल रहा है, जो छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत के भविष्य के लिए एक अच्छा संकेत है। राकेश तिवारी द्वारा कलाकारों को प्रोत्साहित करना और डिजिटल माध्यम से उन्हें आगे लाना वाकई सराहनीय कार्य है।

Surya Sahu Music World’ पर सुने जा सकते हैं उनके गीत

सूर्या साहू डिजिटल दुनिया में भी काफी सक्रिय हैं। उनका खुद का यूट्यूब चैनल है जिसका नाम ‘Surya Sahu Music World’ है। इस चैनल पर उनके कई छत्तीसगढ़ी लोकगीत अपलोड हैं, जिन्हें दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है। उनकी आवाज में सादगी और छत्तीसगढ़ीपन की मिठास है, जो लोगों को खूब पसंद आ रही है।

अपने चैनल के जरिए वे लगातार छत्तीसगढ़ी गीतों को प्रमोट कर रहे हैं और अपनी कला को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचा रहे हैं। यह साबित करता है कि आज का युवा अपनी जड़ों से जुड़कर भी डिजिटल माध्यम से बड़ी पहचान बना सकता है।

यूट्यूब पर देख सकते हैं पूरी प्रस्तुति

‘गाबो बजाबो गोठियाबो’ में सूर्या साहू की पूरी प्रस्तुति यूट्यूब चैनल ‘Rakeshtiwarijeora’ पर उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ी लोककला के चाहने वाले इस लिंक पर जाकर उनकी गायकी का आनंद ले सकते हैं।

मुंगेली के लिए यह गर्व की बात है कि यहां का युवा कलाकार लोकसंस्कृति को आगे बढ़ा रहा है। उम्मीद है कि सूर्या साहू आने वाले समय में अपनी गायकी से मुंगेली ही नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे। ऐसे युवा कलाकारों को प्रोत्साहन मिलना जरूरी है ताकि हमारी लोक विरासत पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रहे।

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